नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के मौके पर शुक्रवार को भारत ने अमेरिकी नेतृत्व वाले रणनीतिक गठबंधन Pax Silica में औपचारिक रूप से शामिल होने का ऐलान किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, US अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट जैकब हेलबर्ग और भारत के केंद्रीय IT मंत्री अश्विनी वैष्णव मौजूद थे।
Pax Silica का उद्देश्य AI, सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स की सुरक्षित और भरोसेमंद सप्लाई चेन तैयार करना है, ताकि ग्लोबल टेक्नोलॉजी और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह पहल वैश्विक स्तर पर चीन की टेक्नोलॉजी मोनोपॉली को चुनौती देती है और विश्व स्तर पर सहयोगी देशों के बीच एक मजबूत नेटवर्क बनाती है।
इस पहल के माध्यम से सदस्य देश रेयर अर्थ एलिमेंट्स की माइनिंग और रिफाइनिंग से लेकर चिप निर्माण और AI फाउंडेशन मॉडल तक पूरी सप्लाई चेन को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।
सदस्य देशों में शामिल हैं-
भारत के लिए Pax Silica में शामिल होना एक रणनीतिक मोड़ है। इसके कई प्रमुख फायदे हैं-
क्रिटिकल मिनरल्स और AI सप्लाई चेन में भागीदारी:
भारत अब अमेरिकी अलायंस का हिस्सा बनकर अपने क्रिटिकल मिनरल्स, न्यूक्लियर और AI सेक्टर को ग्लोबल नेटवर्क में शामिल कर सकता है।
सेमीकंडक्टर उद्योग में निवेश और उत्पादन:
भारत में पहले से 10 सेमीकंडक्टर प्लांट्स पर काम चल रहा है। जल्द ही पहले सेमीकंडक्टर प्लांट में कॉमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होगा।
उन्नत चिप डिजाइन:
भारतीय इंजीनियर अब देश में ही 2-नैनोमीटर चिप डिजाइन कर रहे हैं। यह वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में भारत की ताकत को दर्शाता है।
स्किल्ड प्रोफेशनल्स की मांग:
भारत की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में आने वाले समय में 10 लाख अतिरिक्त स्किल्ड प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी। भारत इसका बड़ा स्रोत बन सकता है।
ग्लोबल डिजिटल गवर्नेंस में भूमिका:
Pax Silica में शामिल होने से भारत को ग्लोबल डिजिटल गवर्नेंस और AI नेतृत्व में स्थायी भूमिका मिलेगी।
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 पहला ऐसा ग्लोबल AI समिट है जो विकासशील देश में हो रहा है। इसका उद्देश्य है जिम्मेदार AI गवर्नेंस और सबके लिए टेक्नोलॉजी।
समिट की मुख्य जानकारी:
तारीख: 16-20 फरवरी 2026
स्थान: इंडिया मंडपम, नई दिल्ली
भागीदार: पॉलिसी मेकर्स, इंडस्ट्री लीडर्स, अकादमिक्स और सिविल सोसाइटी
मुख्य फोकस: खेती, हेल्थ और एजुकेशन में AI का इस्तेमाल
प्रदर्शनी: 300 से ज्यादा कंपनियों ने अपने फ्यूचर AI गैजेट्स और तकनीक प्रदर्शित की।
लक्ष्य: भारत को AI और एडवांस टेक्नोलॉजी का ग्लोबल हब बनाना
इस समिट में सुंदर पिचाई (Google), सैम ऑल्टमैन (OpenAI), बिल गेट्स (Microsoft) समेत कई ग्लोबल टेक लीडर्स शामिल हुए।
सरकार का अनुमान है कि, अगले दो साल में भारत में AI, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस टेक्नोलॉजी में लगभग $200 बिलियन का निवेश आएगा।
Pax Silica में भारत की भागीदारी सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं है। यह कदम चाइना प्लस वन रणनीति का हिस्सा है और भारत को ग्लोबल AI, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर सेक्टर में स्थायी नेतृत्व दिलाएगा।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा, भारत का टैलेंट और इंजीनियरिंग गहराई इस गठबंधन के लिए बेहद जरूरी है। वहीं सुंदर पिचाई ने भी भारत-अमेरिका साझेदारी को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह कदम AI और टेक्नोलॉजी में नए बिजनेस अवसर खोलता है।
चीन वर्तमान में ग्लोबल रेयर अर्थ प्रोसेसिंग का 60% से ज्यादा हिस्सा नियंत्रित करता है। इस स्थिति को चुनौती देने के लिए Pax Silica के माध्यम से सहयोगी देश रेयर अर्थ, सेमीकंडक्टर चिप्स और AI टूल्स के लिए एक भरोसेमंद और सुरक्षित सप्लाई चेन तैयार कर रहे हैं। यह पहल न केवल चीन की तकनीकी मोनोपॉली को चुनौती देती है, बल्कि साझेदार देशों के बीच तकनीकी निर्भरता और सहयोग को भी मजबूत बनाती है।
Pax Silica में भारत की एंट्री से टाटा ग्रुप और अन्य कंपनियों को सेमीकंडक्टर में निवेश बढ़ाने का बड़ा अवसर मिला है। इसके साथ ही भारत अब ग्लोबल डिजिटल गवर्नेंस और AI नीति निर्माण में भी एक सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका निभा सकता है। देश में AI और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आने वाले समय में बड़े पैमाने पर प्रोजेक्ट्स और व्यावसायिक डील्स की उम्मीद की जा रही है, जो भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी हब बनाने में सहायक होंगे।