बहराइच जिले के थाना बौंडी क्षेत्र स्थित नंदवल गांव में 32 वर्षीय गर्भवती महिला ननकई ने प्रसव पीड़ा के दौरान खुद ही चाकू नुमा ब्लेड से पेट फाड़ लिया। पति की मौत के बाद अकेली रहने वाली ननकई के घर पर घटना के वक्त कोई मौजूद नहीं था।
अस्पताल में भर्ती महिला ने बताया कि प्रसव का दर्द इतना असहनीय था कि उसने घर में रखे धारदार औजार से अपने पेट को चीर लिया। उसके पेट से अंतड़ियां बाहर लटक रही थीं, लेकिन इसके बावजूद उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।
महिला की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी पहुंचे। गंभीर हालत में ननकई को पहले बहराइच मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, और बाद में उसकी स्थिति को देखते हुए लखनऊ के केजीएमसी ट्रामा सेंटर रेफर किया गया।
महिला की मां मुन्नी देवी ने बताया कि उस समय घर में कोई महिला मौजूद नहीं थी, इसलिए ननकई ने यह कदम उठाया।
बहराइच मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मदन मोहन त्रिपाठी ने बताया कि महिला के पेट पर गहरा घाव था और आंतें बाहर निकली हुई थीं। प्राथमिक उपचार के बाद उसे लखनऊ रेफर किया गया।
ननकई के पति कई साल पहले मौत हो चुके हैं और वह अपने पांच बच्चों के साथ संघर्ष कर रही थी। ग्रामीणों और डॉक्टरों के अनुसार, समय पर सहायता न मिल पाने और प्रसव के डर व दर्द ने महिला को मजबूर कर दिया। फिलहाल, बच्ची सुरक्षित है और महिला का इलाज लखनऊ में जारी है।