बिजनेसमैन से एक्टर बने राज कुंद्रा को शुक्रवार को 150 करोड़ रुपये के बिटकॉइन घोटाले में जमानत मिल गई। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत बनी विशेष अदालत ने उन्हें राहत दी है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
राज कुंद्रा के वकील प्रशांत पाटिल ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान कुंद्रा को कभी हिरासत में नहीं लिया गया, इसलिए अब उनसे कस्टडी में पूछताछ की जरूरत नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि कुंद्रा ने जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के साथ पूरा सहयोग किया है और 2021 से अब तक छह बार ईडी कार्यालय जा चुके हैं। सभी जरूरी दस्तावेज पहले से एजेंसी के पास हैं।
अदालत ने इन तथ्यों को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 91 और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 88 के तहत जमानत दी। इन धाराओं के तहत अदालत यह सुनिश्चित करती है कि आरोपी आगे की सुनवाई में पेश होता रहे। जमानत की शर्तों का विवरण अभी सामने नहीं आया है।
ईडी ने पिछले साल सितंबर में राज कुंद्रा के खिलाफ 150 करोड़ रुपये के बिटकॉइन घोटाले में चार्जशीट दाखिल की थी। एजेंसी के अनुसार, कुंद्रा के पास 285 बिटकॉइन हैं, जिनकी कीमत करीब 150.47 करोड़ रुपये बताई गई है। ईडी का दावा है कि ये बिटकॉइन उन्हें क्रिप्टो घोटाले के मुख्य आरोपी अमित भारद्वाज से मिले थे।
चार्जशीट में कहा गया है कि राज कुंद्रा ने जानबूझकर बिटकॉइन वॉलेट से जुड़े अहम सबूत छिपाए और अपराध से जुड़े बिटकॉइन वापस नहीं किए।
ईडी ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी पत्नी अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के साथ कम कीमत पर लेनदेन दिखाकर अवैध धन को छिपाने की कोशिश की।
राज कुंद्रा पहले भी विवादों में रह चुके हैं। साल 2021 में उन्हें पोर्नोग्राफी प्रोडक्शन केस में गिरफ्तार किया गया था।
19 जुलाई 2021 को गिरफ्तारी के बाद उन्हें मुंबई की आर्थर रोड जेल में करीब 63 दिन रहना पड़ा था। बाद में 20 सितंबर 2021 को उन्हें उस मामले में जमानत मिली थी।
अब एक बार फिर राज कुंद्रा 150 करोड़ रुपये के बिटकॉइन मामले में जमानत मिलने के बाद सुर्खियों में हैं।