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PM मोदी की स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री से मुलाकात :भारत आने का न्योता दिया, जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही 5 बड़ी बातें

स्लोवाकिया यूरोप के उन देशों में शामिल है, जो ऑटोमोबाइल निर्माण और औद्योगिक उत्पादन के बड़े केंद्र माने जाते हैं। यूरोपीय संघ का सदस्य होने के कारण स्लोवाकिया के साथ मजबूत संबंध भारत को यूरोपीय बाजारों तक बेहतर पहुंच दिला सकते हैं।
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भारत आने का न्योता दिया, जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही 5 बड़ी बातें
PM मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको

ब्रातिस्लावा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्लोवाकिया दौरे के दौरान भारत और स्लोवाकिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया है। राजधानी ब्रातिस्लावा में स्लोवाकिया के पीएम रॉबर्ट फिको के साथ हुई वार्ता के बाद रक्षा, व्यापार, तकनीक और शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।

बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए आशय पत्र पर भी हस्ताक्षर किए गए। पीएम मोदी ने फिको को भारत आने का निमंत्रण भी दिया।

क्यों महत्वपूर्ण है यह दौरा?

स्लोवाकिया यूरोप के उन देशों में शामिल है, जो ऑटोमोबाइल निर्माण और औद्योगिक उत्पादन के बड़े केंद्र माने जाते हैं। यूरोपीय संघ का सदस्य होने के कारण स्लोवाकिया के साथ मजबूत संबंध भारत को यूरोपीय बाजारों तक बेहतर पहुंच दिला सकते हैं।

भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने में भी स्लोवाकिया की भूमिका अहम मानी जा रही है। इसके अलावा रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कुशल मानव संसाधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की संभावना है।

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भारत के लिए क्या हैं इसके मायने?

स्लोवाकिया में 9,200 से अधिक भारतीय रहते हैं और बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर सूचना प्रौद्योगिकी, तकनीकी और विकास केंद्रों में काम कर रहे हैं। शेंगेन क्षेत्र का हिस्सा होने के कारण यह देश भारतीय निवेश और रोजगार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बनता जा रहा है।

साल 2025 में भारत और स्लोवाकिया के बीच लगभग 17 हजार करोड़ रुपए का द्विपक्षीय व्यापार हुआ। भारत जहां मोबाइल फोन, वस्त्र और ऑटो पार्ट्स का निर्यात करता है, वहीं स्लोवाकिया से औद्योगिक मशीनरी, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आयात किए जाते हैं।

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की 5 बड़ी बातें

  1. भारत और स्लोवाकिया ने अपने संबंधों को व्यापक साझेदारी का दर्जा देने का निर्णय लिया।
  2. भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने में स्लोवाकिया के सहयोग की सराहना की गई।
  3. स्लोवाकिया की एक यूनिवर्सिटी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय पर इंडिया चेयर स्थापित करने की घोषणा हुई।
  4. रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देशों ने आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए। 
  5. भारतीय उपनिषदों का स्लोवाक भाषा में अनुवाद सांस्कृतिक संबंधों की मजबूती का प्रतीक बताया गया।

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फ्रांस दौरे में भी हुए बड़े समझौते

स्लोवाकिया पहुंचने से पहले पीएम मोदी ने फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान रक्षा, व्यापार, तकनीक, अंतरिक्ष और शिक्षा से जुड़े 13 महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनी। दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने के लक्ष्य के साथ नई आर्थिक और रणनीतिक पहल शुरू करने का भी फैसला किया।

यह दौरा भारत की यूरोप नीति को मजबूती देने, नए निवेश आकर्षित करने और रणनीतिक साझेदारियों को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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