होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की मौत पर MEA सख्त :कहा- जहाजों को निशाना बंद करें, हमले कतई बर्दाश्त नहीं होंगे

नई दिल्ली। होर्मुज स्ट्रेट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। मंगलवार सुबह दो व्यापारिक जहाजों पर हुए हमले के बाद भारत ने कड़ रूख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप प्रमुख (डिप्टी चीफ ऑफ मिशन) को तलब कर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने इन हमलों की निंदा करते हुए बताया कि अंतर्राष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर इस तरह की हिंसक घटनाएं बंद होनी चाहिए और जहाजों की सुरक्षित आवामगन जारी रहे।
दोनों जहाजों पर 30 नाविक सवार थे
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, हमले का शिकार बने दोनों जहाजों पर करीब 30 भारतीय नाविक सवार थे। इसमें एक भारतीय की मौत हुई थी। जबकि 10 अन्य घायल हुए हैं। केंद्र ने मृतकों के परिवारो के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ 60 दिनों के सीजफायर तोड़ने की घोषणा की थी, जिसके जवाब में अमेरीका ने ईरान के कई शहरों में भीषण बमवारी की।
कौन- कौन से थे दोनों जहाज
- MT अल बहिया
- MT मोम्बासा
फारस की खाड़ी में 148 भारतीय नाविक अब भी फंसे
केंद्र ने यह भी जानकारी दी कि भारत से जुड़े 11 व्यापारिक जहाज और 148 भारतीय नाविक फिलहाल फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। ये सभी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने इस मामले में साफ कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता है, जहां भारत ने एक बार फिर इस मामले में सभी पक्षों से शांति बरतने, हिंसा रोकने और चर्चा को सर्वोपरि बताया, केंद्र ने दोनों पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
पिछले 24 घंटे में हुई 5 बड़ी हलचल
- अमेरिकी की कई ईरानी शहरों में 5 घंटे बमबारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि उनसे अपने दुश्मन ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर तकरीबन 5 घंटे लगातार हवाई हमले किए, इनमें बुशहर, चाबहार, जास्क, कोनार्क, अबू मूसा और बंदर अब्बास जैसे मिलिट्री हेडक्वाटर्स शामिल है।
- ट्रंप बोले- हम हर जहाज से 20 % शुल्क वसूलेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट की खास सुरक्षा करेगा, जिनमें इस काम के बदले वो यहां से आने- जाने वाले व्यापारिक जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क की वसूली करेगा।
- ईरान ने दिया जवाब
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी के होर्मुज शुल्क वसूलने के मुद्दे पर कहा कि होर्मुज हमेशा से ईरान की देखरेख में चला आया है, आगे भी ऐसा ही रहेगा। उन्होंने ट्रंप के शुल्क प्रस्ताव पर पलटवार करते हुए कहा कि 20 % शुल्क काफी ज्यादा इसकी जगह हम सही शुल्क लेंगे
- ईरानी नौसैनिक ठिकानें बमबारी से गूंजे
अमेरिकी सेंटकॉम ने बंदर अब्बास स्थित सबमरीन और नौसैनिक मेंटेनेंस फैसिलिटी पर ड्रोन हमला कर ईरान की नौसैनिक क्षमता को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
- रूस ने तेहरान भेजा विशेष विमान
अमेरिका- ईरान तनाव के बीच रूस का स्पेशल कमांड एयरक्राफ्ट Tu-214PU तेहरान पहुंचा है। जिसे संकट के समय कमांड सेंटर के रूप में यूज किया गया।
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सऊदी अरब ने हूती प्रतिनिधिमंडल के विमान को बनाया टारगेट
इस बीच CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब ने सोमवार को यमन की राजधानी सना एयरपोर्ट पर हवाई हमला किया। दावा किया गया कि यह कार्रवाई ईरान से लौट रहे हूती प्रतिनिधिमंडल के विमान को उतरने से रोकने के लिए की गई। रिपोर्ट के अनुसार, हूती डेलिगेशन ईरान में दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौट रहा था। वहीं, यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार का आरोप है कि विमान के जरिए ईरान से हथियारों की तस्करी की जा रही थी।
एक्सपर्ट्स बोले- बाब अल- मंदेब स्ट्रेट भी खतरे में
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट के बाद अब बाब अल-मंदेब स्ट्रेट भी खतरे में आ सकता है। दावा किया जा रहा है कि ईरान अपने सहयोगी हूती विद्रोहियों के जरिए इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर दबाव बना सकता है। हूती नेता मोहम्मद अल-फराह ने चेतावनी दी है कि यदि हालात और बिगड़े तो होर्मुज और बाब अल-मंदेब दोनों समुद्री मार्ग प्रभावित हो सकते हैं। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है।
नेतन्याहू बोले- दोबार हमला किया तो जड़ें हिला देंगे
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि यदि ईरान ने दोबारा हमला किया तो उसे पहले से कहीं ज्यादा कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब वह दौर खत्म हो चुका है जब इजराइल हमलों का कमजोर जवाब देता था।
ईरानी परमाणु साइट को निशाना बनाने की चेतावनी दी
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के अत्यधिक सुरक्षित परमाणु ठिकाने पिकऐक्स माउंटेन पर हमला करने की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह परमाणु साइट इतनी मजबूत है कि सामान्य बंकर बस्टर बम भी इसे आसानी से नुकसान नहीं पहुंचा सकते। ट्रम्प की चेतावनी के बाद एक बार फिर यह परमाणु ठिकाना अंतरराष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बन गया है।











