देश में LPG गैस की कमी और बढ़ती अफवाहों के बीच अब राहत भरी खबर सामने आई है। भारत के लिए गैस लेकर आ रहे बड़े जहाज अब सुरक्षित पहुंच रहे हैं, जिससे सप्लाई धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। मंगलवार को ‘नंदा देवी’ नाम का LPG जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार कर गुजरात के वडीनार पोर्ट पहुंच गया। इस जहाज में करीब 45,000 मीट्रिक टन गैस है, जो देश के लिए काफी अहम मानी जा रही है।
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इससे एक दिन पहले ‘शिवालिक’ नाम का एक और भारतीय LPG टैंकर मुंद्रा पोर्ट पहुंच चुका है। इस जहाज ने भी करीब 45,000 से 46,000 टन गैस भारत तक पहुंचाई। इन दोनों जहाजों के आने से देश में गैस की सप्लाई को मजबूत सहारा मिला है।
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सिर्फ LPG ही नहीं, बल्कि कच्चे तेल की सप्लाई भी जारी है। ‘जग लाडकी’ नाम का एक जहाज संयुक्त अरब अमीरात से करीब 81,000 टन कच्चा तेल लेकर मुंद्रा पोर्ट की ओर आ रहा है। इससे ऊर्जा क्षेत्र में और मजबूती आने की उम्मीद है।
पिछले कुछ समय से देश के कई शहरों में गैस की कमी की खबरें सामने आ रही थीं। लोगों में डर था कि कहीं LPG की सप्लाई बंद न हो जाए। खासकर होटल, ढाबे और छोटे कारोबारी ज्यादा परेशान थे। लंबी लाइनों और ज्यादा बुकिंग के चलते हालात और बिगड़ते नजर आ रहे थे।
इसकी बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव रहा। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले और उसके बाद की स्थिति ने होर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम रास्ते पर असर डाला। यही रास्ता दुनिया में तेल और गैस सप्लाई के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगाता है। आंकड़ों के मुताबिक, देश करीब 88% कच्चा तेल, 50% प्राकृतिक गैस और 60% LPG आयात करता है। ऐसे में अगर सप्लाई चेन में जरा सी भी रुकावट आती है, तो उसका असर सीधे आम लोगों तक पहुंचता है।
सरकार ने इस पूरे मामले पर कड़ी नजर रखी हुई है। शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, फारस की खाड़ी में मौजूद सभी भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी तरह की खराब खबर सामने नहीं आई है।
अधिकारियों ने बताया कि इस समय इस इलाके में कई भारतीय जहाज मौजूद हैं, और धीरे-धीरे वे सुरक्षित रास्तों से भारत पहुंच रहे हैं।
इन बड़े जहाजों के आने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बाजार में गैस की सप्लाई स्थिर हो जाएगी। जो कमी पिछले कुछ दिनों में बनी थी, वह धीरे-धीरे खत्म होगी। इतना ही नहीं कालाबाजारी पर रोक लगेगी, लंबी कतारें कम होंगी, पैनिक बुकिंग घटेगी और छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी।