PlayBreaking News

Iran-Israel War Impact:रसोई गैस की सप्लाई पर सरकार अलर्ट, रिफाइनरी कंपनियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश

भारत सरकार ने रसोई गैस की सप्लाई को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे LPG उत्पादन को प्राथमिकता दें ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।
Follow on Google News
रसोई गैस की सप्लाई पर सरकार अलर्ट, रिफाइनरी कंपनियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध तनाव के बीच भारत सरकार ने रसोई गैस की सप्लाई को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे LPG उत्पादन को प्राथमिकता दें ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना न करना पड़े। सरकार का साफ कहना है कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए रिफाइनरी कंपनियां अपनी क्षमता का अधिकतम इस्तेमाल एलपीजी उत्पादन बढ़ाने में करें और गैस की आपूर्ति मुख्य रूप से घरेलू ग्राहकों के लिए सुनिश्चित करें।

    LPG उत्पादन बढ़ाने पर जोर

    केंद्र सरकार ने रिफाइनरी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे प्रोपेन और ब्यूटेन स्ट्रीम्स का अधिकतम उपयोग एलपीजी बनाने में करें। सामान्य परिस्थितियों में इन गैसों का उपयोग पेट्रोकेमिकल और अन्य औद्योगिक उत्पादों में भी किया जाता है, लेकिन फिलहाल इन्हें प्राथमिकता के आधार पर एलपीजी उत्पादन के लिए इस्तेमाल करने को कहा गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में घरेलू रसोई गैस की सप्लाई किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो।

    केवल ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को होगी सप्लाई

    सरकारी निर्देश के अनुसार सभी रिफाइनरी कंपनियां प्रोपेन और ब्यूटेन गैस को रिकवर और प्रोसेस करके केवल तीन प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को ही उपलब्ध कराएंगी। देश में घरेलू एलपीजी की सप्लाई मुख्य रूप से इन्हीं कंपनियों के माध्यम से की जाती है।

    कंपनी    भूमिका
    Indian Oil 

    देश की सबसे बड़ी LPG सप्लाई कंपनियों में शामिल

    Bharat Petroleum घरेलू गैस वितरण नेटवर्क का बड़ा हिस्सा
    Hindustan Petroleum लाखों उपभोक्ताओं तक LPG पहुंचाने वाली कंपनी

    भारत में घरेलू एलपीजी की कुल सप्लाई का लगभग पूरा हिस्सा इन्हीं तीन कंपनियों के जरिए उपभोक्ताओं तक पहुंचता है।

    ग्लोबल संकट से तेल बाजार प्रभावित

    हाल ही में मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला था। कुछ समय के भीतर तेल की कीमतें 15 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई थीं। हालांकि बाद में बाजार में थोड़ी नरमी भी देखी गई। इसकी एक वजह भारतीय रिफाइनरियों को समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट देने का फैसले के चलते रही।

    ये भी पढ़ें: Aluminium Stocks: ग्लोबल मार्केट में एल्युमिनियम 2022 के बाद सबसे महंगा, NALCO और Vedanta के शेयर 8% तक उछले

    सप्लाई चेन पर नजर

    वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार पर सबसे ज्यादा नजर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र पर है। यह दुनिया के सबसे अहम तेल शिपिंग मार्गों में से एक माना जाता है। यहां किसी भी तरह की बाधा से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है। इसी संभावित जोखिम को देखते हुए भारत सरकार पहले से तैयारी कर रही है ताकि देश में रसोई गैस की उपलब्धता प्रभावित न हो।

    ये भी पढ़ें: क्या राजनीति से संन्यास लेंगे दिग्विजय सिंह? रिटायरमेंट प्लान को लेकर सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

    उपभोक्ताओं को राहत देने की तैयारी

    सरकार का मानना है कि घरेलू एलपीजी की सप्लाई लगातार बनी रहे तो आम लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। इसी वजह से रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और सप्लाई चैन को मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि अगर वैश्विक तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो तेल और गैस बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में सरकार का यह कदम घरेलू गैस सप्लाई को सुरक्षित रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

    Sumit Shrivastava
    By Sumit Shrivastava

    मास कम्युनिकेशन में Ph.D और M.Phil पूर्ण की है तथा टीवी और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते ...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts