मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध तनाव के बीच भारत सरकार ने रसोई गैस की सप्लाई को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे LPG उत्पादन को प्राथमिकता दें ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना न करना पड़े। सरकार का साफ कहना है कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए रिफाइनरी कंपनियां अपनी क्षमता का अधिकतम इस्तेमाल एलपीजी उत्पादन बढ़ाने में करें और गैस की आपूर्ति मुख्य रूप से घरेलू ग्राहकों के लिए सुनिश्चित करें।
केंद्र सरकार ने रिफाइनरी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे प्रोपेन और ब्यूटेन स्ट्रीम्स का अधिकतम उपयोग एलपीजी बनाने में करें। सामान्य परिस्थितियों में इन गैसों का उपयोग पेट्रोकेमिकल और अन्य औद्योगिक उत्पादों में भी किया जाता है, लेकिन फिलहाल इन्हें प्राथमिकता के आधार पर एलपीजी उत्पादन के लिए इस्तेमाल करने को कहा गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में घरेलू रसोई गैस की सप्लाई किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो।
सरकारी निर्देश के अनुसार सभी रिफाइनरी कंपनियां प्रोपेन और ब्यूटेन गैस को रिकवर और प्रोसेस करके केवल तीन प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को ही उपलब्ध कराएंगी।
| कंपनी | भूमिका |
| Indian Oil |
देश की सबसे बड़ी LPG सप्लाई कंपनियों में शामिल |
| Bharat Petroleum | घरेलू गैस वितरण नेटवर्क का बड़ा हिस्सा |
| Hindustan Petroleum | लाखों उपभोक्ताओं तक LPG पहुंचाने वाली कंपनी |
भारत में घरेलू एलपीजी की कुल सप्लाई का लगभग पूरा हिस्सा इन्हीं तीन कंपनियों के जरिए उपभोक्ताओं तक पहुंचता है।
हाल ही में मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला था। कुछ समय के भीतर तेल की कीमतें 15 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई थीं। हालांकि बाद में बाजार में थोड़ी नरमी भी देखी गई। इसकी एक वजह भारतीय रिफाइनरियों को समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट देने का फैसले के चलते रही।
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वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार पर सबसे ज्यादा नजर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र पर है। यह दुनिया के सबसे अहम तेल शिपिंग मार्गों में से एक माना जाता है। यहां किसी भी तरह की बाधा से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है। इसी संभावित जोखिम को देखते हुए भारत सरकार पहले से तैयारी कर रही है ताकि देश में रसोई गैस की उपलब्धता प्रभावित न हो।
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सरकार का मानना है कि घरेलू एलपीजी की सप्लाई लगातार बनी रहे तो आम लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। इसी वजह से रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और सप्लाई चैन को मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि अगर वैश्विक तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो तेल और गैस बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में सरकार का यह कदम घरेलू गैस सप्लाई को सुरक्षित रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है।