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WAR LOCKDOWN NOTICE वायरल!क्या देश में फिर से लॉकडाउन लगने वाला है?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ‘WAR LOCKDOWN NOTICE’ लोगों के बीच डर और घबराहट फैला रहा है। अशोक चक्र वाले इस कथित सरकारी डॉक्यूमेंट को देखकर कई लोग इसे असली मान बैठे और बिना जांचे तेजी से फॉरवर्ड करने लगे।
क्या देश में फिर से लॉकडाउन लगने वाला है?
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पीडीएफ वायरल हो रहा है, जिसका नाम है ‘WAR LOCKDOWN NOTICE’। इसे देखकर ऐसा लग रहा है कि यह सरकारी नोटिस है और देश में युद्ध के कारण लॉकडाउन लागू किया गया है। पीडीएफ में अशोक चक्र का चिन्ह और आधिकारिक लेआउट लोगों को सच मानने पर मजबूर कर रहा था। लेकिन जब इसका सच सामने आया, तो कई लोग दंग रह गए।

    वायरल नोटिस में क्या लिखा था?

    वायरल पीडीएफ ने लोगों के बीच घबराहट की लहर दौड़ा दी। इसमें लिखा था कि देश में युद्ध के चलते तत्काल लॉकडाउन लागू किया गया है। नोटिस में यह भी कहा गया कि लोग सावधानी बरतें और जरूरी चीजें अभी से तैयार कर लें। पहली नजर में यह डॉक्यूमेंट इतना भरोसेमंद लग रहा था कि कई यूजर्स ने बिना जांचे इसे फॉरवर्ड कर दिया।

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    नोटिस का लेआउट, फॉट और आधिकारिक प्रतीक इतना यथार्थ लग रहा था कि इसे देखकर कोई भी आसानी से भ्रमित हो सकता था।

    सच क्या है?

    जब इस पीडीएफ को खोलकर देखा गया, तो पता चला कि यह सरकारी चेतावनी नहीं, बल्कि एक अप्रैल फूल का मजाक था। डॉक्यूमेंट में एक छोटा सा इमोजी और ‘अप्रैल फूल’ का संदेश छिपा था, जिससे साफ पता चलता है कि यह भ्रामक पोस्ट है।

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    सरकार ने भी स्पष्ट कर दिया है कि देश में किसी भी तरह का लॉकडाउन लागू नहीं किया गया है और ना ही इसके लिए कोई योजना बनाई गई है।

    क्यों फैली यह अफवाह?

    इस अफवाह के पीछे का मुख्य कारण 1 अप्रैल यानी अप्रैल फूल डे है। हर साल इस दिन सोशल मीडिया पर लोग हास्य और मजाक के लिए भ्रामक पोस्ट शेयर करते हैं। इस साल भी लोग युद्ध और लॉकडाउन जैसे गंभीर विषय को लेकर भ्रम फैलाने वाला संदेश फॉरवर्ड करने लगे।

    पीडीएफ की भाषा और डिज़ाइन इतनी वास्तविक लग रही थी कि इसे देखकर लोग डर और घबराहट में इसे आगे भेजते गए।

     यूजर्स को सतर्क रहने की जरूरत

    विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी नोटिस या खबर को बिना जांचे शेयर करना खतरनाक हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि

    • सरकारी वेबसाइट या आधिकारिक सूत्र देखें।
    • संदेहजनक पीडीएफ या लिंक पर क्लिक न करें।
    • किसी भी संदेश को फैलाने से पहले तथ्य जांचें।
    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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