देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने एक बार फिर यात्रियों को झटका दिया है। मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिसका सीधा असर एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर पड़ा है।
ऑयल कंपनियों ने ATF के दाम बढ़ा दिए हैं, जिससे एयरलाइन कंपनियों की लागत बढ़ गई है। इसी बढ़ते खर्च को संतुलित करने के लिए इंडिगो ने फ्यूल सरचार्ज में इजाफा कर दिया है।
इंडिगो ने साफ किया है कि नया फ्यूल सरचार्ज 2 अप्रैल से बुक की जाने वाली हर टिकट पर लागू होगा। यानी अब अगर आप फ्लाइट बुक करते हैं, तो पहले से ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पहले से ही महंगाई लोगों की जेब पर दबाव बना रही है।
ATF की कीमतों में हाल ही में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शेड्यूल्ड एयरलाइंस के लिए कीमतों में करीब 8.5% की वृद्धि हुई है जबकि नॉन-शेड्यूल्ड कंपनियों के लिए यह बढ़ोतरी लगभग 115% तक पहुंच गई है।
दिल्ली में ATF की कीमत अब 96,638 रुपए से बढ़कर 1,04,927 रुपए प्रति किलोलीटर हो गई है। वहीं, नॉन-शेड्यूल्ड कंपनियों के लिए यह कीमत 2,07,341 रुपये प्रति किलोलीटर तक पहुंच गई है।
यह पहली बार है जब भारत में ATF का दाम 2 लाख रुपए के पार गया है, जो एयरलाइन इंडस्ट्री के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है।
एयरलाइन कंपनियों के लिए ATF सबसे बड़ा खर्च होता है। किसी भी एयरलाइन के कुल खर्च में लगभग 40% हिस्सा सिर्फ फ्यूल का होता है। ऐसे में ATF की कीमतों में थोड़ी सी बढ़ोतरी भी कंपनियों के मुनाफे और टिकट की कीमतों पर बड़ा असर डालती है।
इंडिगो ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की फ्लाइट्स के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है।
घरेलू उड़ानों के लिए- अब 275 रुपए से लेकर 950 रुपए तक प्रति सीट, जो पहले 425 रुपए फिक्स था।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए- अब 900 रुपए से लेकर 10,000 रुपए तक प्रति सीट, जो पहले 425 रुपये से 2300 रुपए तक था। यानि इंटरनेशनल यात्रियों को अब पहले के मुकाबले कई गुना ज्यादा फ्यूल चार्ज देना होगा।
मिडिल-ईस्ट में तनाव शुरू होने के बाद इंडिगो ने 14 मार्च से फ्यूल सरचार्ज लागू किया था। तब घरेलू फ्लाइट्स के लिए 425 रुपए तय किए गए थे, जबकि इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए दूरी के हिसाब से 425 से 2300 रुपए तक चार्ज लिया जा रहा था, लेकिन अब नई बढ़ोतरी के बाद यह चार्ज काफी ज्यादा बढ़ गया है।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। अब हवाई सफर पहले से ज्यादा महंगा हो जाएगा, खासकर उन लोगों के लिए जो अक्सर यात्रा करते हैं।
अगर मिडिल-ईस्ट में तनाव जारी रहता है और कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं, तो आने वाले समय में टिकट के दाम और भी बढ़ सकते हैं।