AI समिट पर कांग्रेस में दो राय :शशि थरूर बोले- बड़े इवेंट्स में गलतियां आम हैं, राहुल ने बताया था ‘PR तमाशा’

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में 16 फरवरी से चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने ग्लोबल नेताओं और टेक दिग्गजों का ध्यान खींचा है। भारत मंडपम में आयोजित इस समिट में दुनिया के कई तकनीकी दिग्गज और प्रमुख राजनेता शामिल हुए हैं। इसी बीच समिट को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और उनके पार्टी के सदस्य शशि थरूर का बयान सामने आया है।
राहुल गांधी ने आयोजन को ‘अव्यवस्थित पीआर स्पेक्टेकल’ बताया था, वहीं अब शशि थरूर ने इसे प्रभावशाली और भारत के लिए वैश्विक नेतृत्व का मंच बताया है। गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद और तकनीकी नवाचारों के बीच यह समिट देश में एआई के भविष्य और नीति निर्माण पर बहस का नया विषय बन गया है।
शशि थरूर ने की समिट की सराहना
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने समिट के पहले कुछ दिनों का जायजा लेते हुए कहा कि आयोजन प्रभावशाली रहा। उन्होंने स्वीकार किया कि, बड़े कार्यक्रमों में तकनीकी और प्रबंधन से जुड़ी छोटी-छोटी गड़बड़ियां आम हैं, लेकिन इससे समिट की गुणवत्ता प्रभावित नहीं हुई।
थरूर ने कहा, कई नेता एआई डेवलपमेंट में एक नई इंटीग्रेटेड दुनिया देखने के मजबूत संदेश के साथ आए हैं, जहां समाज पर असर ही मुख्य सिद्धांत होगा। भारत ने इस क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई है और वैश्विक स्तर पर नेतृत्व दिखाया है।
उन्होंने यह भी कहा कि, समिट नीति निर्माताओं, उद्योग जगत और स्टार्टअप्स को एक मंच पर लाकर भविष्य की दिशा तय करने का अवसर देता है।
राफेल डील और डिफेंस पर थरूर की राय
थरूर ने फ्रेंच राफेल डील का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि, इसके कुछ हिस्से भारत में बनाए जा रहे हैं, जो देश की रक्षा क्षमता और आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि, इंडिया के लिए डिफेंस इसलिए जरूरी नहीं है कि हम युद्ध में जाना चाहते हैं, बल्कि इसलिए कि हम नहीं चाहते कि दूसरे हमें कमजोर समझकर युद्ध का जोखिम लें। यह एक पूरी तरह से डिफेंसिव डिफेंस है और मैं इस पर सरकार का समर्थन करता हूं।
केरल स्टोरी 2 पर क्या बोले थरूर
शशि थरूर ने आने वाली फिल्म ‘केरल स्टोरी 2’ पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि, पहली फिल्म नफरत फैलाने वाली थी और हजारों लोगों के धर्मांतरण का दावा असत्य था। थरूर ने कहा, कई सालों में ऐसे करीब 30 मामले हुए हैं। हमारा देश बहुत बड़ा है। अगर कोई मामला इधर-उधर होता है, तो इसका मतलब यह नहीं कि इसे बड़ी कहानी में बदल दिया जाए।
गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद
समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी का पवेलियन चर्चा का विषय बना। यूनिवर्सिटी ने अपने प्रोजेक्ट को चीनी रोबोट और कोरियन ड्रोन के रूप में पेश किया, जिसका वायरल वीडियो विवाद का कारण बन गया।
आयोजकों ने यूनिवर्सिटी को एक्सपो से बाहर कर दिया और पवेलियन का बिजली काटकर ताला लगाकर बंद कर दिया। यूनिवर्सिटी ने कहा कि, यह रोबोटिक डॉग उनका नहीं है, बल्कि छात्रों के प्रयोग और सीखने का हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि, यह सिर्फ क्लासरूम अभ्यास और नवाचार का उपकरण है।
यूनिवर्सिटी ने कहा कि, इसका उद्देश्य छात्रों की सोच विकसित करना और उन्हें विश्वस्तरीय तकनीकी समाधान तैयार करने की क्षमता देना है।
राहुल ने क्या कहा था?
इस विवाद पर कांग्रेस ने कहा कि, मोदी सरकार ने भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाया। AI समिट में चीन के रोबोट्स को भारत का बताकर प्रदर्शित किया गया। राहुल गांधी ने इसे ‘डिसऑर्गनाइज्ड पीआर स्पेक्टेकल’ कहा। उनका मानना है कि, भारत के टैलेंट और डेटा का सही इस्तेमाल नहीं किया गया और आयोजन केवल बड़ी इमेज बनाने का प्रयास बनकर रह गया।
20 फरवरी तक चलेगा समिट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को समिट का उद्घाटन किया। उन्होंने स्टार्टअप्स के पवेलियंस का दौरा किया और उनकी इनोवेशन की जानकारी ली। समिट 20 फरवरी तक चलेगा। साथ ही, इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 भी आयोजित किया जा रहा है।
इस एक्सपो में दुनियाभर की कंपनियां अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस प्रदर्शित कर रही हैं। आम लोग देख सकते हैं कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में खेती, स्वास्थ्य और शिक्षा में यह कैसे बदलाव लाएगा।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के बारे में
तारीख: 16-20 फरवरी 2026
जगह: भारत मंडपम, नई दिल्ली
खास: पहली बार किसी विकासशील देश में आयोजित
ग्लोबल लीडर्स: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो समेत 20+ राष्ट्राध्यक्ष
टेक लीडर्स: सुंदर पिचाई (Google), सैम ऑल्टमैन (OpenAI), बिल गेट्स (Microsoft)
फोकस: कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा में AI का उपयोग
प्रदर्शनी: 300 से ज्यादा कंपनियों के फ्यूचर AI गैजेट्स और तकनीक
लक्ष्य: भारत को AI का नया ग्लोबल हब बनाना
समिट का सफर और वैश्विक दृष्टिकोण
2023 (ब्रिटेन): AI के खतरे
2024 (साउथ कोरिया): इनोवेशन
2025 (फ्रांस): एक्शन
2026 (भारत): आम आदमी तक पहुंच (किसान, मजदूर, युवा)
यह समिट वैश्विक नेताओं, टेक दिग्गजों और स्टार्टअप्स को एक मंच पर लाकर भारत की एआई नेतृत्व क्षमता को विश्व स्तर पर प्रदर्शित कर रहा है। विवाद और तकनीकी मुद्दों के बावजूद, यह आयोजन तकनीकी, सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से सफलता माना जा रहा है।
एआई का सामाजिक और वैश्विक प्रभाव
समिट में यह संदेश भी स्पष्ट किया गया कि AI केवल तकनीकी प्रगति का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज को बदलने और मानवता के हित में निर्णय लेने का माध्यम भी है। नेताओं ने कहा कि वैश्विक स्तर पर एआई के लिए समन्वित दृष्टिकोण आवश्यक है ताकि इसके सकारात्मक प्रभाव को अधिकतम किया जा सके।
शशि थरूर ने कहा, एआई केवल तकनीक नहीं, बल्कि समाज को बदलने की क्षमता रखने वाला एक बड़ा माध्यम है। इसलिए इसकी प्रगति के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि इसका उपयोग मानवता के हित में हो।
इस तरह, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने वैश्विक दृष्टिकोण, टेक्नोलॉजी नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाते हुए भारत को एआई के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर किया है।











