भोपाल। मध्य प्रदेश का मौसम इस हफ्ते एक बार फिर बदल गया है। राज्य के कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने आम जनता और किसानों के जीवन को प्रभावित किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, वर्तमान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की स्थिति एक साथ सक्रिय हैं, जिसके कारण राज्य के आधे हिस्से में मौसम अत्यधिक अस्थिर हो गया है।
भोपाल, उज्जैन, इंदौर, मंदसौर, रतलाम, शाजापुर, देवास, ग्वालियर, दतिया, राजगढ़, मुरैना, सीहोर, विदिशा, अशोकनगर, निवाड़ी और छतरपुर जैसे जिलों में लगातार बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, उज्जैन संभाग के घट्टिया, महिदपुर और उन्हेल जैसे ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। गेहूं, चना और मसूर जैसी फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
शाजापुर जिले के अकोदिया में भी बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने गेहूं की फसल को गिरा दिया। कई खेतों में फसलें पक चुकी थीं, लेकिन लगातार बारिश और हवा की वजह से दानों की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
धार जिले के मनावर में भी तीन रातों से लगातार बारिश जारी है। किसानों का कहना है कि, फसलें पकने की कगार पर थीं, लेकिन तेज बारिश और नमी के कारण उत्पादन में भारी गिरावट होगी। स्थानीय किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे और मुआवजे की मांग की है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य प्रदेश में बारिश का मुख्य कारण दो प्राकृतिक घटनाओं का एक साथ होना है-
वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) - पश्चिमी विक्षोभ आम तौर पर शुष्क ठंडी हवाओं को लेकर आता है और बारिश की स्थिति उत्पन्न करता है।
साइक्लोनिक सर्कुलेशन - यह कम दबाव वाला क्षेत्र है जो तेज हवाओं और आंधी का कारण बनता है।
इन दोनों घटनाओं के साथ होने से प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है।
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में उज्जैन, भोपाल, इंदौर, मंदसौर, रतलाम, शाजापुर, देवास, ग्वालियर, दतिया, राजगढ़, मुरैना, सीहोर, विदिशा, अशोकनगर, निवाड़ी और छतरपुर शामिल हैं। उज्जैन संभाग के ग्रामीण इलाकों में स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी फसलें आड़ी-तिरछी हो गई हैं।
हाल के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान और मौसम का हाल इस प्रकार है-
|
शहर |
अधिकतम तापमान (°C) |
न्यूनतम तापमान (°C) |
|
भोपाल |
26.4 |
16.2 |
|
उज्जैन |
28.0 |
16.5 |
|
इंदौर |
28.6 |
16.4 |
|
शाजापुर |
29.0 |
13.0 |
|
रतलाम |
29.0 |
14.2 |
|
धार |
29.2 |
14.3 |
|
ग्वालियर |
26.2 |
14.6 |
|
नर्मदापुरम (हबीबगंज) |
29.2 |
17.6 |
|
खंडवा |
33.1 |
13.4 |
|
खरगोन |
33.4 |
14.2 |
|
पचमढ़ी |
25.6 |
13.4 |
|
रायसेन |
30.4 |
15.5 |
|
राजगढ़ |
28.0 |
12.5 |
|
श्योपुर |
26.0 |
15.4 |
|
शिवपुरी |
24.2 |
13.0 |
|
छतरपुर |
26-27 |
14.0 |
|
छिंदवाड़ा |
29.6 |
14.8 |
|
दमोह |
29.5 |
15.0 |
|
जबलपुर |
29.1 |
15.0 |
|
खजुराहो |
28.9 |
14.0 |
|
मंडला |
32.8 |
13.1 |
|
नरसिंहपुर |
31.2 |
14.8 |
|
नौगांव |
25.0 |
14.0 |
|
रीवा |
27.7 |
12.8 |
|
सागर |
26.2 |
15.8 |
|
सतना |
28.8 |
17.3 |
|
सिवनी |
29.6 |
16.0 |
|
सीधी |
29.6 |
14.0 |
|
टीकमगढ़ |
25.6 |
13.2 |
|
उमरिया |
29.5 |
12.4 |
|
मलाजखंड |
29.0 |
13.7 |
|
दतिया |
24.4 |
12.6 |
|
गुना |
25.2 |
15.0 |
छतरपुर में रात का न्यूनतम तापमान 14°C तक गिर गया। वहीं, शाजापुर और शुजालपुर में रिमझिम बारिश और ठंडी हवाओं के कारण ठंडक बढ़ी।
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में प्रदेश में मौसम धीरे-धीरे सुधरेगा:
21 फरवरी: बारिश की संभावना नहीं, दिन में धूप।
22 फरवरी: मौसम साफ रहेगा, कहीं भी बारिश की चेतावनी नहीं।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि, अगले सप्ताह से तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होगी और बादल साफ होने लगेंगे।
किसानों ने बताया कि, पहले ही बाजार भाव कम और लागत बढ़ने की वजह से आर्थिक दबाव था। अब प्राकृतिक आपदा ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का सर्वे शुरू करा दिया है। कृषि विभाग की टीम जल्द ही खेतों का आकलन कर मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू करेगी।
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