ITR Filing 2026 :शुरू हुआ इनकम टैक्स रिटर्न भरने का सीजन, आयकर विभाग ने जारी किए ITR-1 और ITR-4 फॉर्म

देशभर के करोड़ों लोगों के लिए अच्छी खबर है। आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने ITR-1 और ITR-4 फॉर्म की एक्सेल फाइलें जारी कर दी हैं, जिससे लोग अब अपना टैक्स रिटर्न भर सकते हैं। इससे नौकरी करने वाले लोगों, पेंशन पाने वालों, छोटे व्यापारियों और प्रोफेशनल्स को काफी आसानी होगी। अब लोग समय रहते अपना टैक्स भर सकेंगे और आखिरी समय में वेबसाइट पर आने वाली दिक्कतों से बच पाएंगे।
ऑफलाइन भी भर सकेंगे ITR
नई एक्सेल फाइलों की मदद से लोग बिना इंटरनेट के भी अपना ITR तैयार कर सकेंगे। इसके लिए सबसे पहले आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट से एक्सेल यूटिलिटी डाउनलोड करनी होगी। इसके बाद उसमें अपनी कमाई, निवेश, टैक्स और बचत से जुड़ी जानकारी भरनी होगी। सारी जानकारी भरने के बाद एक फाइल तैयार होगी, जिसे वेबसाइट पर अपलोड करके ITR जमा और वेरिफाई किया जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जल्दी फाइलिंग शुरू होने से इस बार करदाताओं को अंतिम तारीख के दबाव से काफी राहत मिलेगी। हर साल 31 जुलाई के आसपास पोर्टल पर भारी ट्रैफिक के कारण तकनीकी दिक्कतें सामने आती हैं।
किन लोगों के लिए है ITR-1 फॉर्म
ITR-1 फॉर्म खास तौर पर नौकरी करने वाले और पेंशन पाने वाले लोगों के लिए बनाया गया है। यह उन लोगों के लिए है जिनकी सालाना कमाई 50 लाख रुपये तक है। अगर किसी की आमदनी वेतन, पेंशन, एक या दो घरों की प्रॉपर्टी या बैंक से मिलने वाले ब्याज से होती है, तो वह इस फॉर्म से ITR भर सकता है। इसके अलावा 5 हजार रुपये तक की खेती से होने वाली आय भी इसमें शामिल की जा सकती है। इस बार एक नया बदलाव भी किया गया है। अब धारा 112A के तहत 1.25 लाख रुपये तक के दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ वाले लोग भी ITR-1 फॉर्म भर सकेंगे।
छोटे कारोबारियों और प्रोफेशनल्स के लिए ITR-4
आयकर विभाग ने ITR-4 फॉर्म भी जारी किया है। यह फॉर्म खास तौर पर छोटे कारोबारियों और प्रोफेशनल्स के लिए होता है। यह उन लोगों के लिए लागू है जो भारत में रहते हैं, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) और कुछ छोटे व्यवसायी जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये तक है। हालांकि, लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिप (LLP) इस फॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकते। यह विशेष रूप से उन करदाताओं के लिए डिजाइन किया गया है जो धारा 44AD, 44ADA या 44AE के तहत प्रकल्पित कराधान योजनाओं का विकल्प चुनते हैं। ITR-1 की तरह ही, धारा 112A के तहत 1.25 लाख रुपये तक के दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ वाले करदाता भी इस फॉर्म का उपयोग करने के पात्र हैं।
समय से पहले फाइलिंग करने में क्या फायदा
टैक्स विशेषज्ञ लगातार सलाह देते हैं कि करदाताओं को आखिरी तारीख का इंतजार नहीं करना चाहिए। समय से पहले ITR फाइल करने से कई फायदे मिलते हैं। जल्दी रिटर्न भरने पर रिफंड जल्दी मिलने की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही दस्तावेजों में किसी तरह की गलती होने पर उसे सुधारने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है।
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31 जुलाई से पहले पूरा करना होगा काम
आयकर विभाग ने अभी ITR-1 और ITR-4 की यूटिलिटीज जारी की हैं। आने वाले दिनों में बाकी फॉर्म्स की यूटिलिटीज भी जारी की जा सकती हैं। फिलहाल पात्र करदाता 31 जुलाई 2026 की समय सीमा से पहले अपना रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।












