जम्मू-कश्मीर में शराब पर सियासत :शराबबंदी की मांग को लेकर BJP का प्रदर्शन, हिरासत में कई कार्यकर्ता

जम्मू-कश्मीर में शराबबंदी को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। CM उमर अब्दुल्ला के बयान के बाद बीजेपी ने श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन किया। जानिए क्या है पूरा मामला, सरकार और विपक्ष के बीच टकराव क्यों बढ़ा।
शराबबंदी की मांग को लेकर BJP का प्रदर्शन, हिरासत में कई कार्यकर्ता
जम्मू-कश्मीर में शराबबंदी की मांग को लेकर BJP का प्रदर्शन

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में इन दिनों शराबबंदी को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है। एक तरफ सरकार ‘100 दिनों में नशा मुक्त’ अभियान की बात कर रही है, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी सड़कों पर उतर आई और श्रीनगर में जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।

CM उमर अब्दुल्ला के बयान से शुरू हुआ विवाद

पूरा विवाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के एक बयान से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि शराब पीना व्यक्तिगत पसंद का मामला है और सरकार किसी को भी शराब पीने के लिए मजबूर नहीं करती। उन्होंने यह भी कहा कि, शराब की दुकानें उन लोगों के लिए हैं, जिनके धर्म में इसकी अनुमति है।

सीएम ने यह भी कहा कि, जम्मू-कश्मीर में अब तक किसी भी सरकार ने शराब की दुकानों पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगाया है। उनके इस बयान के बाद विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाते हुए सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया।

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श्रीनगर में BJP का विरोध प्रदर्शन

शराबबंदी की मांग को लेकर बीजेपी ने श्रीनगर में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता राम मुंशी बाग इलाके में इकट्ठा हुए और मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने लगे। हालांकि, पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को रास्ते में ही रोक दिया। इस दौरान कुछ नेताओं को हिरासत में भी लिया गया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।

शराबबंदी को लेकर नारेबाजी

प्रदर्शन के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने शराब की दुकानों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। उनका कहना था कि, घाटी में शराब की बिक्री सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ है। कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि, सरकार राजस्व के लिए शराब को बढ़ावा दे रही है, जो कश्मीर की परंपराओं के खिलाफ है।

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BJP का तर्क- ‘संतों और सूफियों की भूमि’

बीजेपी प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि, कश्मीर संतों और सूफियों की भूमि है और यहां शराब की दुकानें नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार युवाओं को गलत दिशा में धकेल रही है। पार्टी का कहना है कि, पर्यटन के नाम पर शराब को बढ़ावा देना सही नहीं है और सरकार को जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए पूर्ण शराबबंदी लागू करनी चाहिए।

सरकार और विपक्ष आमने-सामने 

इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। जहां सरकार इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और व्यावहारिक नीति का हिस्सा बता रही है, वहीं बीजेपी और अन्य दल इसे सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों से जोड़कर देख रहे हैं। 

Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...

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