आयकर विभाग विवादों से छुटकारा पाने नए सिरे से लागू करेगा ‘विवाद से विश्वास योजना’ पार्ट-2

भोपाल। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने आयकर अधिनियम का सरलीकरण करने के साथ ही अदालतों में चल रही मुकदमेबाजी कम करने की मुहिम का ऐलान भी कर दिया है। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में ऐसे हजारों मामले सीआईटी अपील, ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट में पेंडिंग हैं। विभाग अब ‘विवाद से विश्वास’ योजना पार्ट-2 जल्दी ही लागू करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। केंद्रीय बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री इस बात के संकेत भी दे चुकी हैं।
हजारों करोड़ रुपए का टैक्स
विभाग को उम्मीद है कि इस मुहिम से मुकदमेबाजी में उलझी लाखों करोड़ रुपए की टैक्स राशि मिलेगी। आयकर विभाग को 4 साल पहले इस मुहिम के तहत काफी सफलता मिली थी। उस दौरान देश में करीब 1.13 करोड़ से अधिक मामलों का निपटारा हुआ था। मामलों के निराकरण से मुकदमेबाजी कम होने के साथ विभाग को 75 हजार 788 करोड़ रुपए का राजस्व विवादित कर के रूप में प्राप्त हुआ था।
6 माह में दिखेंगे बदलाव
विभागीय सूत्रों का कहना है कि अगले छह माह में आयकर अधिनियम 1961 का सरलीकरण के साथ कई जरूरी बदलाव भी दिखने लगेंगे। अभी एक्ट में कई दुरूह शब्दों के कारण भी मुकदमेबाजी में बढ़ोतरी हो रही है। मप्र-छग में ही ऐसे हजारों मामले पड़े हैं। देश में ऐसे प्रकरणों की संख्या लाखों में है, इनमें कमी लाने के लिए विभाग एक बार फिर विवाद से विश्वास योजना लागू कर सकता है जिसमें करदाता को मुकदमेबाजी खत्म के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
प्रॉसीक्यूशन के बजाए पेनल्टी से खात्मे पर फोकस
विवाद से विश्वास योजना के अलावा टैक्स चोरी से जुड़े छोटे मामलों में भी विभाग अब प्रॉसीक्यूशन के बजाए पेनल्टी लगाकर विवाद के खात्मे पर फोकस करेगा। ऐसे प्रॉसीक्यूशन के मामलों की संख्या मप्र-छग में करीब 900 बताई जा रही है। विभाग ने इसके साथ ही यह भी खुलासा कर दिया है कि बड़ी टैक्स चोरी, ईडीसी बीआई जांच से जुड़े और विदेशी खातों से जुड़े आपराधिक मामलों में किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।












