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आयकर विभाग छोटे मामलों में मुकदमेबाजी के बजाए जुर्माना वसूलकर लगाएगा खात्मा

केंद्रीय बजट में स्पष्ट गाइड लाइन जारी होने के संकेत

भोपाल। आयकर विभाग अब टैक्स चोरी के छोटे मामलों में प्रॉसीक्यूशन के बजाए पेनल्टी लगाकर खात्मे पर जोर देगा। ऐसे करदाता जो अज्ञानतावश टैक्स प्रावधान का उल्लंघन कर बैठे, उनके मामलों में मुकदमेबाजी से बचा जाएगा। आतंकी, राष्ट्रविरोधी गतिविधि, लोकपाल-लोकायुक्त के अधीन, विदेशी खाते जैसी आपराधिक प्रकृति, बड़ी टैक्स चोरी, सीबीआई – ईडी की जांच अथवा डिफाल्टर्स के प्रकरणों में विभाग सुलह की पेशकश नहीं करेगा। संभवत: आने वाले केंद्रीय बजट में इस मुद्दे पर सरकार स्पष्ट प्रावधान लाने की तैयारी में है। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में अभी आयकर विभाग के करीब 850 मामले मुकदमेबाजी में उलझे हैं। इनमें टीडीएस से जुड़े ज्यादा मामले है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि मुकदमेबाजी के चलते विभाग का समय और टैक्स दोनों का नुकसान होता है। छोटे-छोटे मामले भी कई बार लंबे खिंच जाते हैं। इसलिए ऐसे मामले जिनमें करदाता की दुर्भावना नजर नहीं आती उनमें न्यूनतम पेनल्टी लगाकर खात्मा लगा दिया जाएगा।

मंशा परखेगा विभाग

विभाग ऐसे मामले जुर्माना लगाकर खत्म करने की तैयारी में है जिनमें करदाता की मंशा टैक्स चोरी अथवा आपराधिक नहीं है। अज्ञानतावश टीडीएस जमा न करने, गलत जानकारी देने, इनकम कम बताने, आय के स्त्रोत छिपाने संबंधी लंबित मामलों का निराकरण होगा पर ऐसे प्रकरणों में विभाग संतुष्ट होने के बाद ही खात्मे की अनुमति देगा।

इनमें नहीं मिलेगी राहत

राष्ट्रविरोधी गतिविधि से जुड़े आपराधिक गंभीर किस्म के मामले सुलह के दायरे में नहीं आएंगे। इनमें प्रिवेंशन आॅफ मनी लांड्रिंग एक्ट, हवाला, विदेशों में बैंक एकाउंट रखकर टैक्स चोरी करना आदि हैं। जिन मामलों में जांच चल रही है उन्हें भी खात्मे की अनुमति नहीं मिलेगी।

आ सकती है गाइडलाइन

केंद्र में नई सरकार बनने के बाद वित्त मंत्रालय ने ऐसे संकेत दिए हैं कि आयकर विभाग छोटे मामलों की मुकदमेबाजी में आगे नहीं बढ़ेगा। इस संबंध में आगामी फायनल बजट में स्पष्ट गाइडलाइन जारी होने की संभावना जताई जा रही है। -राजेश जैन, चार्टर्ड एकाउंटेंट, भोपाल

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