भोपाल। अगर आप अक्सर नेशनल हाईवे पर यात्रा करते हैं, तो नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत आपके लिए राहत नहीं बल्कि अतिरिक्त खर्च लेकर आ रही है। 1 अप्रैल से देशभर में टोल टैक्स की दरों में बदलाव लागू होने जा रहा है, जिसका सीधा असर मध्यप्रदेश के लाखों वाहन चालकों पर पड़ेगा। राज्य के प्रमुख शहरों-भोपाल, जबलपुर, नागपुर, रायपुर और प्रयागराज को जोड़ने वाले हाईवे अब पहले से महंगे हो जाएंगे। खासतौर पर रोजाना सफर करने वाले लोगों, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव जेब पर बोझ बढ़ाने वाला साबित होगा।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा हर साल की तरह इस बार भी टोल दरों में संशोधन किया गया है, जो 1 अप्रैल से लागू होगा। इस फैसले के बाद अब कार चालकों से लेकर भारी वाहनों तक सभी को अधिक शुल्क देना पड़ेगा।
टोल टैक्स में यह बढ़ोतरी अचानक नहीं की गई है, बल्कि इसके पीछे एक तय प्रक्रिया होती है। दरअसल हर साल टोल की दरें थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आधार पर संशोधित की जाती हैं। जैसे-जैसे महंगाई बढ़ती है, वैसे-वैसे सड़क निर्माण, रखरखाव और सुविधाओं की लागत भी बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार टोल दरों में बदलाव करती है। इसके अलावा सड़क की गुणवत्ता, हाईवे की लंबाई, और उस पर मौजूद सुविधाएं जैसे- फ्लाईओवर, अंडरपास और टनल-भी टोल की कीमत तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
मध्यप्रदेश में यह बढ़ोतरी खासतौर पर जबलपुर से जुड़े हाईवे रूट्स पर देखने को मिलेगी।
इन रूट्स पर रोजाना हजारों वाहन चलते हैं, इसलिए यह बढ़ोतरी बड़े स्तर पर लोगों को प्रभावित करेगी।
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जानकारी के मुताबिक कार चालकों को अलग-अलग टोल प्लाजा पर 5 से 10 रुपए तक अधिक शुल्क देना पड़ सकता है। हालांकि यह बढ़ोतरी देखने में छोटी लग सकती है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति रोजाना इन रूट्स पर यात्रा करता है तो महीने के अंत तक यह खर्च काफी बढ़ जाता है।
जहां कार चालकों पर मामूली असर दिखेगा, वहीं भारी और व्यावसायिक वाहनों को ज्यादा टोल चुकाना होगा। ट्रकों और बसों के लिए टोल दरें पहले से ही ज्यादा होती हैं, ऐसे में बढ़ोतरी के बाद ट्रांसपोर्ट लागत में भी इजाफा होगा। इसका असर अप्रत्यक्ष रूप से आम लोगों पर भी पड़ सकता है क्योंकि इससे सामान की कीमतें बढ़ सकती हैं।
टोल बढ़ोतरी का असर सिर्फ नकद भुगतान करने वालों पर ही नहीं, बल्कि फास्टैग उपयोगकर्ताओं पर भी पड़ेगा। वार्षिक पास की कीमत में करीब 75 रुपए तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। यानी डिजिटल भुगतान करने वाले लोगों को भी इस बदलाव से राहत नहीं मिलेगी।
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अभी मध्यप्रदेश के कुछ प्रमुख टोल प्लाजा पर कार चालकों के लिए ये दरें लागू हैं:
1 अप्रैल के बाद इन दरों में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
टोल दरों का निर्धारण एक तय फॉर्मूले के तहत किया जाता है।
इन सभी फैक्टर्स को ध्यान में रखकर नई दरें तय की जाती हैं। हर साल समीक्षा के बाद इन्हें लागू किया जाता है।
भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से रोजाना हजारों लोग अलग-अलग शहरों की यात्रा करते हैं। ऐसे में टोल टैक्स में बढ़ोतरी उनके मासिक बजट को प्रभावित कर सकती है। खासतौर पर नौकरी या व्यापार के सिलसिले में रोजाना यात्रा करने वालों के लिए यह फैसला भारी पड़ सकता है।