कछार। असम के कछार जिला स्थित सिलचर के पास एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 28 वर्षीय महिला के साथ उसके बॉयफ्रेंड की मौजूदगी में सात लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस के अनुसार इस मामले में शिकायत 19 फरवरी को दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
महिला से जबरन 10 हजार रुपए ट्रांसफर भी करवाएं
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वारदात के बाद एक आरोपी ने महिला से जबरन 10 हजार रुपये उसके बैंक खाते में ट्रांसफर भी कराए। पीड़िता के परिजनों के मुताबिक, वह सिलचर से कुछ किलोमीटर दूर बाईपास रोड पर अपने बॉयफ्रेंड के साथ कार में थी। इसी दौरान एक SUV में सवार कुछ लोग वहां पहुंचे, उन्होंने दोनों पर हमला किया और फिर महिला के साथ यह जघन्य अपराध किया। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
फिलहाल दो गिरफ्तार, 5 अब भी फरार
पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने दो आरोपियों की पहचान की थी, जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि सिलचर सदर पुलिस स्टेशन में इस मामले को गंभीर अपराध मानते हुए भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इनमें धारा 308(5) (जान से मारने की धमकी देकर वसूली), 310(2) (डकैती), 351(2) (आपराधिक धमकी), 61(2) (दो या उससे अधिक लोगों द्वारा किया गया गैर-कानूनी कृत्य), 70(1) (सामूहिक दुष्कर्म) सहित अन्य संबंधित धाराएं शामिल हैं।
पुलिस पर मामला दबाने के आरोप
इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने शुरुआत में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया था। हालांकि मंगलवार को स्थिति तब बदल गई, जब सिलचर में एक स्थानीय पत्रकार पर कथित रूप से आरोपियों में से एक के परिवार के सदस्यों ने हमला कर दिया। इस घटना के बाद मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। पत्रकार का आरोप है कि नेशनल हाईवे पर स्थित रोड पुलिस थाना के पास कुछ लोगों ने उसे रोक लिया। उन्होंने पत्रकार से सवाल किया कि उसने इस घटना की खबर क्यों प्रकाशित की। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई।
पत्रकार ने बताया कि मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव किया, जिसके चलते वह गंभीर चोट से बच गया। इस घटना के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं और मामले को लेकर लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।