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सिंहस्थ 2028:CM मोहन यादव की निगरानी में सिंहस्थ 2028 तैयारियां तेज, उज्जैन में विकास कार्यों की रफ्तार तेज

सिंहस्थ 2028 को भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए उज्जैन में बड़े स्तर पर विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। शिप्रा नदी के किनारे नए घाट, एप्रोच रोड और पार्किंग व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। प्रशासन लगातार निरीक्षण कर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके।
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CM मोहन यादव की निगरानी में सिंहस्थ 2028 तैयारियां तेज, उज्जैन में विकास कार्यों की रफ्तार तेज
CM MOHAN YADAV IN UJJAIN

उज्जैन। मध्य प्रदेश सरकार सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में तैयारियों को तेज गति से आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर पूरे मेला क्षेत्र में लगातार निरीक्षण किया जा रहा है और निर्माण कार्यों की समीक्षा की जा रही है। शिप्रा नदी के किनारे नए घाटों का निर्माण और उन्हें मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए एप्रोच रोड बनाने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है ताकि आने वाले सिंहस्थ में करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक अनुभव दिया जा सके।

उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारी को मिली नई गति

सिंहस्थ 2028 को लेकर उज्जैन में विकास कार्य अब तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। राज्य सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि आने वाले महापर्व में देश और दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो। इसी को ध्यान में रखते हुए शिप्रा नदी के किनारे घाटों के निर्माण और उनके विस्तार का काम बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं और हर काम की समीक्षा की जा रही है ताकि समय पर सभी तैयारियां पूरी हो सकें।

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नदी के किनारे बन रहे नए घाट

शिप्रा नदी के 29 किलोमीटर क्षेत्र में नए घाटों का निर्माण किया जा रहा है। इन घाटों को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि एक साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान कर सकें और भीड़ का दबाव भी कम रहे। प्रशासन का मानना है कि सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन में सबसे बड़ी चुनौती भीड़ प्रबंधन होती है, इसलिए घाटों को आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया जा रहा है। यहां आने जाने की व्यवस्था भी आसान बनाई जा रही है ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के स्नान कर सकें।

एप्रोच रोड और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए केवल घाट ही नहीं बल्कि सड़क और पार्किंग व्यवस्था पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन ने करीब 18 स्थानों को एप्रोच रोड के लिए चिन्हित किया है, जिससे घाटों तक पहुंचना आसान हो सके। इसके साथ ही बड़े वाहन पार्किंग क्षेत्र भी बनाए जा रहे हैं ताकि यातायात पर दबाव न पड़े।

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प्रशासनिक स्तर पर लगातार निरीक्षण जारी

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की निगरानी लगातार की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारी और मेला प्रशासन की टीम पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर रही है। अधिकारियों ने कई किलोमीटर क्षेत्र में पैदल भ्रमण कर निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इसके अलावा कई स्थानों पर मार्गों और घाटों का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा पर फोकस

सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण सबसे महत्वपूर्ण पहलू होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर विशेष योजना बनाई जा रही है। पुलिस और प्रशासन मिलकर भीड़ प्रबंधन की योजना तैयार कर रहे हैं ताकि किसी भी स्थिति में अव्यवस्था न हो।

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ईंधन और संसाधनों की बचत

इस पूरे विकास कार्य में संसाधनों के सही उपयोग पर भी जोर दिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने इस बात पर ध्यान दिया कि निर्माण कार्यों में ईंधन और संसाधनों की बचत हो। इसके साथ ही पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जा रही हैं।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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