Ujjain:उज्जैन के जय गुरुदेव आश्रम पहुंचे CM मोहन यादव, महाराज बोले- ‘मोहन प्यारे अब जनता के लाडले बन गए हैं’

उज्जैन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के मक्सी रोड स्थित जय गुरुदेव आश्रम पहुंचकर गुरुदेव उमाकांत महाराज के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर आश्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण माहौल बेहद आध्यात्मिक और भक्ति से भरा हुआ दिखाई दिया। गुरुदेव ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उनके लंबे समय से आश्रम से जुड़े होने का उल्लेख किया और उन्हें आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने भी श्रद्धा भाव से गुरुदेव के प्रवचन सुने और प्रदेश के विकास, सनातन परंपरा और जनसेवा से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए।
मुख्यमंत्री ने जताई गहरी श्रद्धा
उज्जैन के मक्सी रोड स्थित जय गुरुदेव आश्रम में इन दिनों भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आश्रम पहुंचकर गुरुदेव उमाकांत महाराज के दर्शन किए। यहां लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। मुख्यमंत्री ने गुरुदेव के चरणों में नमन करते हुए कहा कि ऐसे संतों के दर्शन करना जीवन को नई दिशा देता है। उन्होंने कहा कि यह अवसर उनके लिए अत्यंत सौभाग्यशाली है, जहां उन्हें गुरु के सान्निध्य में सत्य और सेवा का संदेश सुनने का अवसर मिला।
गुरुदेव उमाकांत महाराज का आशीर्वाद और संबोधन
गुरुदेव उमाकांत महाराज ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उनके पुराने संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने स्नेहपूर्वक कहा कि मुख्यमंत्री लंबे समय से आश्रम से जुड़े रहे हैं और व्यस्त जीवन के बावजूद भक्ति के लिए समय निकालते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को पहले के संबोधन मोहन प्यारे का उल्लेख करते हुए कहा कि आज वे अपने कार्यों के कारण जनता के प्रिय बन चुके हैं। गुरुदेव ने उन्हें सत्य, अहिंसा और सनातन मार्ग पर चलते हुए जनसेवा करने का आशीर्वाद दिया।

मुख्यमंत्री का संबोधन, गुरु को बताया ईश्वर के समान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आश्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुरुदेव के दर्शन करना उनके लिए ईश्वर के दर्शन के समान है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में गुरु का स्थान सर्वोपरि माना गया है और जीवन को सही दिशा देने का मार्ग गुरु के चरणों से ही प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन अनेक जन्मों के बाद प्राप्त होता है और इसे सार्थक बनाना ही सबसे बड़ा उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गुरुदेव के मार्गदर्शन से ही समाज में सकारात्मकता और अनुशासन की भावना मजबूत होती है।
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गौसंरक्षण और धार्मिक नगरों में बदलाव
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य मंा गौसंरक्षण को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर गौशालाओं का निर्माण किया जा रहा है। गोपालन को प्रोत्साहित करने के लिए आर्थिक सहायता भी दी जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि प्रदेश के 19 प्रमुख धार्मिक नगरों में शराबबंदी लागू की गई है। इनमें उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, ओरछा, चित्रकूट और दतिया जैसे पवित्र स्थान शामिल हैं।
उज्जैन को मेट्रो सिटी विकसित करने की योजना
मुख्यमंत्री ने उज्जैन के भविष्य को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ 2028 तक उज्जैन को आधुनिक सुविधाओं से लैस एक मेट्रो सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है। इस विकास के साथ शहर की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और अधिक मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उज्जैन अब केवल धार्मिक नगरी नहीं बल्कि उत्सव और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है।
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हर जिले में बनेगा ‘गीता भवन’
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य के हर जिले में गीता भवन स्थापित किए जाएंगे। इन भवनों का उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों का अध्ययन और प्रसार करना है। यहां लोग न केवल आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करेंगे बल्कि जीवन मूल्यों को भी समझ सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को संस्कृति और परंपरा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।











