Naresh Bhagoria
30 Jan 2026
सिद्धार्थ तिवारी, जबलपुर। लार्डगंज थाने में एक कार को हथकड़ी लगाकर रखा गया है। पूरे मामले में जब जिम्मेदारों से बात की गई तो वे कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं और कानून के जानकारों का कहना है ऐसा करना गैरकानूनी है। दोषी पर विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए। ये हथकड़ी की तौहीन है।

लार्डगंज थाने में एक कार खड़ी है, जिसे हथकड़ी से बांधकर रखा गया है। यह कोई टोटका है या पुलिस की भर्राशाही। यह किसी के समझ नहीं आ रहा है। कार में हथकड़ी लगी देखकर सबको हैरत भी होती है। लेकिन पुलिस के सामने बोलने की हिमाकत करने की कोशिश भला कौन कर सकता है। बताया जा रहा है कि यह गाइडलाइंस का उल्लंघन है, वहीं थाने में टीआई को भी इसकी जानकारी नहीं है कि उनके थाने में कौन क्या कर रहा है, मस्तमौला टीआई अपनी ही व्यस्तता में रहते हैं। थाने में क्या गलत हो रहा है कि और क्या सही, इसके बारे में सुध लेना भी ठीक नहीं समझ रहे हैं। यह कृत्य घोर लापरवाही को दर्शाता है।
वाहन को हथकड़ी लगाना पुलिस रेगुलेशन एक्ट के साथ सुप्रीम कोर्ट द्वारा डीके बसु और प्रेमशंकर केस में बनाई गई, गाइडलाइन का खुला उल्लंघन है, किसी भी आरोपी को हथकड़ी तभी लगाई जा सकती है, जब उसके भागने की आशंका हो, यदि पुलिस ने किसी वाहन को हथकड़ी लगाई है, तो ये हथकड़ी की तौहीन है। संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए।
मनीष दत्त, वरिष्ठ अधिवक्ता
वाहन में किसी भी हाल में हथकड़ी नहीं लगनी चाहिए। लार्डगंज में ये कैसे हुआ मैं दिखवाता हूं। मुंशी को हिदायत दी जाएगी।
संपत उपाध्याय, एसपी जबलपुर