Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

बापू की पुण्यतिथि पर विशेष :जबलपुर के मॉडल स्कूल में पूरे दिन मौन रहकर दी जाती है महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि

जबलपुर के पंडित लज्जाशंकर झा गवर्मेंट मॉडल स्कूल में हर साल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को छात्र और शिक्षक दिनभर मौन रहकर श्रद्धांजलि देते हैं। सुबह 'ॐ' के उच्चारण के साथ स्कूल परिसर में खामोशी छा जाती है।
Follow on Google News
जबलपुर के मॉडल स्कूल में पूरे दिन मौन रहकर दी जाती है महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    हर्षित चौरसिया, जबलपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि (30 जनवरी) पर देशभर में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है। वहीं जबलपुर पंडित लज्जा शंकर झा गवर्मेंट मॉडल स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में बापू को अनाखे तरीके से याद किया जाता है। इस स्कूल में छात्र और शिक्षक पूरे दिन 'मौन व्रत' का पालन कर गांधीवादी मूल्यों को जीवंत करते हैं।

    ब्लैक बोर्ड पर लिखकर समझाते हैं पाठ

    इसकी शुरुआत सुबह की प्रार्थना सभा से होती है। 'ॐ' के उच्चारण के साथ स्कूल परिसर में खामोशी छा जाती है। इसके बाद शुरू होता है पढ़ाई का वह दौर, जहां संवाद के लिए आवाज नहीं, बल्कि कलम और संकेतों की जरूरत पड़ती है। कक्षाओं में शिक्षक ब्लैकबोर्ड पर लिखकर पाठ समझाते हैं, तो छात्र शंकाओं को कॉपियों पर लिखकर पूछते हैं। पूरे दिन स्कूल परिसर में केवल चॉक के चलने और पन्ने पलटने की आवाज सुनाई देती है। शिक्षक ऐसा मानते हैं कि इशारों और लेखन के माध्यम से होने वाला यह अध्यापन बच्चों में धैर्य और एकाग्रता का विकास करता है।

    अटूट है यह परंपरा

    स्कूल के शिक्षक बताते हैं, यह परंपरा 50 के दशक से निरंतर चली आ रही है। यह आयोजन नई पीढ़ी को गांधी जी के सत्य, अहिंसा और आत्म-संयम के मार्ग से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन गया है।

    भजन के साथ होता है समापन

    दिनभर की कठिन मौन साधना का समापन शाम को स्कूल की छुट्टी से ठीक पहले होता है। जैसे ही मौन व्रत खुलता है, पूरा स्कूल परिसर बापू के प्रिय भजन 'रघुपति राघव राजा राम' की सुमधुर ध्वनि से गुंजायमान हो उठता है।

    खामोशी भी एक शक्ति है

    स्कूल में यह मौन संदेश देता है कि खामोशी में भी एक शक्ति होती है। यह न केवल महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि है, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण की दिशा में अनुकरणीय उदाहरण भी है। 

    उपमा गुप्ता, प्राचार्य, मॉडल हाई स्कूल, जबलपुर

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

    Latest Posts