इंदौर / महू
महू के कोदरिया गांव में शनिवार सुबह एक अवैध आलू चिप्स फैक्ट्री में हुए बॉयलर विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। सुबह करीब 9 बजे हुए जोरदार धमाके ने न सिर्फ फैक्ट्री परिसर को हिला दिया, बल्कि एक मासूम को गंभीर रूप से झुलसा दिया। हादसे ने एक बार फिर अवैध रूप से संचालित कारखानों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
घायल बच्चे शुभम, पिता जितेंद्र मकवाना, को गंभीर हालत में पहले महू सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे इंदौर रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि धमाके में बच्चे का चेहरा बुरी तरह झुलस गया।
पानी भरने गया था बच्चा, तभी हुआ धमाका
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के वक्त शुभम फैक्ट्री परिसर में बनी टंकी से पानी भरने गया था। इसी दौरान अचानक बॉयलर फट गया और मासूम उसकी चपेट में आ गया। धमाका इतना भीषण था कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बताया गया कि विस्फोट के बाद लोहे के टुकड़े कई फीट दूर तक जा गिरे।
बिना अनुमति चल रही थी फैक्ट्री
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि यह कारखाना बिना वैध अनुमति संचालित हो रहा था। नायब तहसीलदार राधावल्लभ धाकड़ मौके पर पहुंचे और तत्काल बिजली कनेक्शन कटवाकर फैक्ट्री बंद करवा दी। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और बॉयलर रखरखाव में गंभीर लापरवाही की बात भी सामने आई है।
लापरवाही पर उठे सवाल, जांच शुरू
कोतवाली थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने और सुरक्षा मानकों के पालन की पुष्टि तक कारखाना बंद रहेगा। संबंधित विभागों को भी दोष तय करने के निर्देश दिए गए हैं।
70 से ज्यादा कारखानों पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कोदरिया और आसपास के क्षेत्रों में दर्जनों कारखाने बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और वैध अनुमति के संचालित हो रहे हैं। क्षेत्र में 70 से अधिक आलू चिप्स इकाइयों में बड़े बॉयलर लगे हैं, लेकिन सुरक्षा उपकरणों की भारी कमी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को जानकारी होने के बावजूद समय रहते सख्ती नहीं बरती गई।