आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ता वजन और मोटापा एक आम समस्या बन चुका है, लेकिन अब यह सिर्फ दिखावे या फिटनेस का मामला नहीं रह गया है। एक नई रिसर्च ने साफ किया है कि कम उम्र में बढ़ता वजन आगे चलकर गंभीर बीमारियों और असमय मौत का बड़ा कारण बन सकता है। खासतौर पर अगर 30 साल की उम्र से पहले मोटापा बढ़ता है, तो यह शरीर पर लंबे समय तक नुकसान पहुंचाता है और जीवन के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
अक्सर लोग कम उम्र में बढ़ते वजन को हल्के में ले लेते हैं। पेट निकलना, शरीर में चर्बी बढ़ना या बीएमआई हाई होना कई बार मजाक का विषय बन जाता है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यही लापरवाही आगे चलकर भारी पड़ सकती है। मोटापा धीरे धीरे शरीर के अंदर असर करता है। शुरुआत में थकान, सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलना और कमजोरी जैसे लक्षण दिखते हैं लेकिन समय के साथ यह डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज और कई तरह के कैंसर का जोखिम बढ़ा देता है।
स्वीडन की लुंड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने 6 लाख से ज्यादा लोगों पर लंबे समय तक अध्ययन किया। इस रिसर्च में 17 से 60 साल की उम्र के बीच लोगों के वजन में बदलाव को ट्रैक किया गया। रिपोर्ट में पाया गया कि जिन लोगों में 17 से 29 साल की उम्र के बीच मोटापा विकसित हुआ, उनमें समय से पहले मौत का खतरा करीब 70 प्रतिशत ज्यादा था। यह आंकड़ा बेहद चिंताजनक माना जा रहा है।
रिसर्च में यह भी सामने आया कि जिन लोगों का वजन हर साल तेजी से बढ़ा उनमें जोखिम और ज्यादा था। औसतन लोगों का वजन हर साल करीब 0.4 किलोग्राम बढ़ा लेकिन जिनमें यह वृद्धि ज्यादा तेज थी उनमें हृदय रोग, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और टाइप-2 डायबिटीज से मौत की आशंका अधिक देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि कम उम्र में बढ़ा मोटापा शरीर को लंबे समय तक अतिरिक्त चर्बी के प्रभाव में रखता है, जिससे अंगों पर दबाव बढ़ता जाता है।
मोटापा सिर्फ बाहरी बदलाव नहीं है। शरीर के अंदर फैट जमा होने से हार्मोनल बैलेंस बिगड़ने लगता है। इससे मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ता है और शरीर बीमारियों के लिए संवेदनशील हो जाता है। खासतौर पर पेट के आसपास जमा चर्बी को सबसे खतरनाक माना जाता है क्योंकि यह हार्ट, लिवर और ब्लड शुगर पर सीधा असर डालती है। जंक फूड, प्रोसेस्ड स्नैक्स, ज्यादा मीठी चीजें, लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठना और शारीरिक गतिविधि की कमी मोटापे के मुख्य कारण हैं। आज युवाओं में यही लाइफस्टाइल सबसे तेजी से वजन बढ़ा रही है।
रिसर्च से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ वजन कितना है यह मायने नहीं रखता बल्कि यह ज्यादा जरूरी है कि वजन किस उम्र में बढ़ रहा है। अगर 20 से 30 साल के बीच तेजी से वजन बढ़ रहा है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसी उम्र में लाइफस्टाइल में बदलाव सबसे ज्यादा असरदार होता है। समय पर डाइट कंट्रोल, रोजाना वॉक, एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद और जंक फूड से दूरी मोटापे के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है। सही समय पर वजन नियंत्रित कर लिया जाए तो भविष्य के जोखिम को कम किया जा सकता है। यह नई स्टडी साफ संकेत देती है कि कम उम्र में बढ़ता मोटापा एक साइलेंट किलर की तरह काम कर सकता है। इसलिए अगर आपका वजन तेजी से बढ़ रहा है तो इसे सिर्फ दिखावे न समझें। यह आपके दिल, शुगर और पूरी सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। सही समय पर सावधानी और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना ही इससे बचाव का सबसे बेहतर तरीका है।