
मुंबई। महाराष्ट्र में सरकार ने ऑटो रिक्शा चालकों के लिए मराठी अनिवार्य का फैसला किया है। जिससे राज्य में अब किसी भी जगह जाने और यात्रियों से बातचीत के लिए उन्हें हिंदी में न बात करने की सलाह दी है। हालांकि फडणवीस सरकार के इस फैसले के बाद नोंकझोक तेज हो गई है। सरकार ने कहा कि जन लोगों को मराठी नहीं आती है वे सीख ले साथ ही सरकार भी ऐसे लोगों को मराठी सिखाने की व्यवस्था करेगी।
मराठी भाषा को रिक्शा चालकों के लिए अनिवार्य करने के फैसले को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने समर्थन किया है। इतना ही नहीं पार्टी चीफ राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया है। जो सुर्खियां बटौर रहा है। दरअसल अमित ने सरकार के फैसले के विरोध में आंदोलन करने वाले सभी लोगों को चेतावनी दी है।
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उन्होंने कहा कि वे आंदोलन तो कर सकते हैं, लेकिन अगर उनके आंदोलन से मराठी लोगों को कोई तकलीफ हुई तो पार्टी ऐसे लोगोंके खिलाफ सड़कों पर मोर्चा खोलेगी, उन्हें पिटेगी।
अमित ने आगे कहा कि उन्हें गैर मराठी लोगों द्वारा इस आंदोलन से कोई तकलीफ तो नहीं है, यह उनका अधिकार है लेकिन अगर इस आंदोलन से मराठी भाषी को प्रॉब्लम हुई तो फिर हम पीछे नहीं हटेंगे इसका जवाब सड़कों पर दिया जाएगा। दूसरी ओर उनसे जब इस फैसले को लागू करने के बाद यह परेशानी का कारण बन सकता या नहीं तो इस पर वे बोले- बिल्कुल भी नहीं, हम सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हैं।
इस फैसले से हमें कोई दिक्कत नहीं है। उनका कहना है कि एक तरफ आप अपनी भूमिका बदल रहे हैं। लेकिन सरकार ने यहां एक अच्छी पहल की और भाषा के लिए अच्छा काम किया।
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महाराष्ट्र में भाषा विवाद को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। अमित ठाकरे ने उत्तर भारतीयों के प्रस्तावित आंदोलन और हड़ताल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। उनका कहना है कि अगर गैर-मराठी लोग हड़ताल करेंगे, तो मराठी भाषी दोगुना काम करेंगे ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
अमित ठाकरे ने कहा कि वे सोशल मीडिया पर कई वीडियो देख रहे हैं, जिनमें मराठी रिक्शा चालक कह रहे हैं कि वे पहले जहां रात 8 बजे तक काम करते थे, अब जरूरत पड़ी तो रात 12 बजे तक काम करेंगे। उन्होंने ऐसे लोगों की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम आम लोगों को राहत देगा। हालांकि, उनके बयान का एक हिस्सा काफी सख्त भी रहा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति अगर मराठी लोगों के साथ मारपीट करेगा, तो उसे सड़क पर जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन करना सभी का अधिकार है, लेकिन हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कानून-व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर अमित ठाकरे ने कहा कि राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हालात नियंत्रण में रहें। उन्होंने कहा कि हड़ताल शांतिपूर्ण तरीके से होनी चाहिए और किसी भी तरह की हिंसा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि मराठी रिक्शा चालक पूरे मुंबई में सेवा देने में सक्षम हैं, इसलिए हड़ताल के बावजूद शहर की रफ्तार पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।