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‘पहले भारत आकर देखो…’ट्रंप के नर्क वाले बयान पर ईरान का करारा जवाब, अमेरिका में भी विरोध; जानें इंडिया ने क्या कहा?

डोनाल्ड ट्रंप के भारत को ‘नर्क’ कहने वाले बयान पर अंतरराष्ट्रीय विवाद बढ़ गया है। ईरान ने वीडियो जारी कर ट्रंप को भारत की खूबसूरती देखने की सलाह दी, जबकि अमेरिकी डेमोक्रेटिक पार्टी ने इसे नस्लवादी बयान बताया। भारत सरकार ने भी कड़ी नाराजगी जताई और इसे गलत जानकारी पर आधारित कहा।
ट्रंप के नर्क वाले बयान पर ईरान का करारा जवाब, अमेरिका में भी विरोध; जानें इंडिया ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

तेहरान। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को नर्क बताए जाने न सिर्फ भारत में नाराजगी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। ईरान ने भी इस पर तंज कसते हुए ट्रंप को भारत आकर देखने की सलाह दी है, जबकि अमेरिका में भी उनके बयान की आलोचना हो रही है।

डोनाल्ड ट्रंप का विवादित बयान 

पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट को री-शेयर किया। इस पोस्ट में अप्रवासियों को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा गया कि, अमेरिका में जन्म लेने वाला बच्चा नागरिक बन जाता है और फिर अपने परिवार को भारत, चीन या धरती के किसी दूसरे नर्क से यहां ले आता है। इस बयान को भारत के प्रति अपमानजनक और असंवेदनशील माना गया। बयान सामने आते ही यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस का मुद्दा बन गया।

ईरान ने वीडियो के जरिए दिया संदेश

मुंबई स्थित Iranian Consulate Mumbai ने ट्रंप के बयान पर तीखा लेकिन अलग अंदाज में जवाब दिया। कॉन्सुलेट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक 16 सेकंड का वीडियो पोस्ट किया, जिसमें महाराष्ट्र के दो विपरीत लेकिन खूबसूरत दृश्य दिखाए गए। एक ओर मुंबई की ऊंची इमारतें, चमचमाते हाईवे और आधुनिक शहरी जीवन था, वहीं दूसरी ओर पहाड़ों के बीच बहते झरने, हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता दिखाई गई। इस वीडियो के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि भारत को एकतरफा नजरिए से नहीं देखा जा सकता।

Twitter Post

‘कल्चरल डिटॉक्स’ की सलाह और व्यंग्य

ईरानी कॉन्सुलेट ने वीडियो के साथ व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए ट्रंप को ‘कल्चरल डिटॉक्स’ लेने की सलाह दी। पोस्ट में लिखा गया कि, कभी इंडिया आकर देखो, फिर बोलना। यह प्रतिक्रिया केवल एक कूटनीतिक जवाब नहीं थी, बल्कि इसमें सांस्कृतिक गर्व और सॉफ्ट पावर का भी प्रदर्शन था। हैदराबाद से जुड़े ईरानी मिशन ने भी इस पोस्ट को आगे बढ़ाया और भारतीय खानपान व जीवनशैली की तारीफ करते हुए कहा कि, कटिंग चाय, वड़ा पाव और पाव भाजी जैसी चीजें भारत की आत्मा को दर्शाती हैं।

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भारत की संस्कृति और विविधता की तारीफ

ईरानी पक्ष ने अपने संदेश में भारत की विविधता और सुंदरता का खास जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि, भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि अनुभवों का एक विशाल संसार है। खासतौर पर दक्षिण भारत का जिक्र करते हुए कहा गया कि, वहां की संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य किसी हेवन मोड से कम नहीं है। 

डेमोक्रेटिक पार्टी ने की ट्रंप की आलोचना

ट्रंप के इस बयान पर अमेरिका के अंदर भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने ट्रंप की आलोचना करते हुए इसे नस्लवादी और गैर-जिम्मेदाराना बताया। पार्टी प्रतिनिधियों ने कहा कि, देश इस समय कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, लेकिन ट्रंप सोशल मीडिया पर विवादित और विभाजनकारी बयान देने में व्यस्त हैं। एक नेता ने यहां तक कहा कि ट्रंप राष्ट्रपति पद को एक रियलिटी शो की तरह चला रहे हैं, जो देश के लिए खतरनाक हो सकता है।

Twitter Post

अमेरिकी सांसद की प्रतिक्रिया

अमेरिकी कांग्रेसमैन एमी बेरा ने भी ट्रंप के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि, यह टिप्पणी न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि यह ट्रंप की समझ और नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल उठाती है। बेरा ने कहा कि, अमेरिका हमेशा से प्रवासियों की बदौलत मजबूत बना है और भारतीय मूल के लोगों ने देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि, प्रवासी अमेरिका को कमजोर नहीं, बल्कि और अधिक सशक्त बनाते हैं।

भारत सरकार ने क्या कहा?

ट्रंप के बयान पर भारत सरकार ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। भारत के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि, यह टिप्पणी गलत सूचनाओं पर आधारित और खराब टेस्ट को दर्शाती है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि, इस तरह के बयान भारत और अमेरिका के मजबूत संबंधों को सही तरीके से प्रतिबिंबित नहीं करते। भारत ने कूटनीतिक भाषा में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए संकेत दिया कि, ऐसे बयान द्विपक्षीय रिश्तों को प्रभावित कर सकते हैं।

Donald Trump

वैश्विक तनाव के बीच बढ़ा विवाद

यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और किसी बड़े संघर्ष की आशंका बनी हुई है। इसी बीच भारत ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है, जो क्षेत्र में बढ़ते खतरे को दर्शाता है। ऐसे संवेदनशील समय में ट्रंप का यह बयान और भी ज्यादा विवादास्पद हो गया है, क्योंकि इससे कूटनीतिक माहौल पर असर पड़ सकता है।

Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...

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