शोर हुआ गुल तेज आवाज बना था मुसीबत, कलेक्टर से की शिकायत.. पबो को किया सील

इंदौर - लसुडिया क्षेत्र में देर रात तक जारी पबों की दहशत भरी तेज आवाज़ ने आखिरकार प्रशासन को झकझोर ही दिया। स्कीम नंबर 78 के रहवासी एक साल से चारों ओर से घेरकर बैठे पब बर्लिन, अंडरडॉग्स और नोच को लेकर त्राहिमाम मचा रहे थे। रात 12 बजे तक गूंजता ऐसा शोर कि घरों की खिड़कियाँ थरथरा उठें, बर्तन खड़कने लगें… बच्चों की पढ़ाई चौपट और बुजुर्गों की नींद पूरी तरह तबाह।
प्रशासन हरकत में -
प्रशासन हरकत में आया और इंदौर कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए एडीएम रोशन राय, जूनी इंदौर एसडीएम प्रदीप सोनी, आबकारी विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम को मौके पर भेजा। पब में जांच हुई तो सच सामने आया रात 10 बजे के बाद अनुमति 55 डेसिबल की, लेकिन पब में 105 डेसिबल का भूचाल! इसी आधार पर तत्काल पब को सील कर दिया गया।
जनसुनवाई में फूटा गुस्सा — “रात 4 बजे तक बजता है पब, बच्चे रोते हैं, बुजुर्ग करवटें बदलते हैं”
बर्लिन, अंडरडॉग्स और नोच पब की मनमानी के खिलाफ रहवासी सीधे कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचे। अपोलो हाई स्ट्रीट मॉल के पीछे स्थित इन पबों में रोजाना देर रात तक तेज संगीत के साथ पार्टी चलती है।
ऐसा कैसा व्यापार?
रहवासियों का आरोप बेहद तीखा था,सरकार राजस्व कमाने को लाइसेंस जारी कर देती है, लेकिन इसकी निगरानी करने वाले विभाग गहरी नींद में सो जाते हैं। “हर विभाग को सिर्फ अपना शुल्क चाहिए होता है, इसीलिए पुलिस भी मौन रहती है।” रात 10 बजे के बाद पबों के बाहर नशे में धुत्त युवाओं की भीड़ लग जाती है, महिलाओं के निकलने तक में खतरा महसूस होता है। डायल-100 कई बार बुलवाई गई, लेकिन जैसे ही पुलिस लौटती—संगीत फिर आसमान छूने लगता। आधी रात बाद गलियों में गाड़ी खड़ी कर जाम लगा दिया जाता है। इमरजेंसी की हालत में भी घर से वाहन निकालना मुश्किल हो जाता है। रहवासियों ने बताया “लसूड़िया में पबों का जंगल खड़ा कर दिया गया है। शराब पीकर वाहन चलाने पर तो पुलिस कार्रवाई करती है, लेकिन पब बंद होते ही बाहर भीड़ और तेज रफ्तार कारें दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ा देती हैं।” कलेक्टर शिवम वर्मा ने मामले पर क्षेत्रीय एसडीएम को तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए ,व पबो को सील करवा दिया।
रहवासियों की पीड़ा:
कंपन से घर हिलते, बच्चों को लाइब्रेरी में पढ़ना पड़ रहा












