संतोष चौधरी,भोपाल। भोपाल की खूबसूरत वादियों और झील किनारे बसे प्रतिष्ठित होटल अशोका लेक व्यू (नया नाम एमपीटी लेकव्यू रेसिडेंसी) में 40 साल बाद बदलाव होगा। राजधानी की पहचान बन चुके इस तीन सितारा होटल की आॅनरशिप अब नए हाथों में चली जाएगी। 31 मई तक ही यहां बुकिंग संभव होगी, इसके बाद एक जून से इसका संचालन प्राइवेट कंसोर्टियम को सौंप दिया जाएगा। नई आॅनरशिप इसे नए डिजाइन के साथ इस होटल का निर्माण करेगी।
इस बदलाव के साथ प्रदेश सरकार पहली बार अपने होटल को रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर 60 साल के लिए दे रही है। नए संचालन की जिम्मेदारी दिलीप बिल्डकॉन समूह, होटल जेनेक्स और इंडियन होटल कंपनी के कंसोर्टियम के पास होगी, जबकि एमपी टूरिज्म की हिस्सेदारी बनी रहेगी। एमपी टूरिज्म के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि यह सिर्फ मालिकाना हक का बदलाव नहीं, बल्कि भोपाल के टूरिज्म सेक्टर में एक बड़ा प्रयोग है। सरकार को उम्मीद है कि निजी निवेश से होटल की सुविधाएं विश्वस्तरीय बनेंगी और शहर को एक नया प्रीमियम डेस्टिनेशन मिलेगा।
- 60 साल के लिए होटल सौंपा गया
- डीबीएफओटी (डिजायन, बिल्ड, फायनेंस, आॅपरेशन, ट्रांसफर) मॉडल लागू
- हर साल 3 करोड़ रुपए भुगतान
- राशि में हर साल 5 प्रतिशत चक्रवृद्धि वृद्धि
- 3 साल बाद कुल राजस्व का 10 प्रतिशत एमपी टूरिज्म को
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आने वाले समय में क्या बदलेगा
- होटल के मूल स्वरूप में कम से कम बदलाव होगा
- 3 साल में होगा बड़ा विस्तार
- 150 नए कमरे बनाए जाएंगे
- 1,000 क्षमता का बैंक्वेट हॉल तैयार होगा
- 150 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश
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अशोका लेक व्यू की खास बातें
- शुरुआत: 1985-86
- पहले आईटीडीसी के अधीन, बाद में एमपी टूरिज्म के पास
- 7.16 एकड़ में फैला परिसर
- झील का शानदार व्यू इसकी सबसे बड़ी पहचान
- वर्तमान में करीब 42 कमरे
भोपाल एक्सप्रेस, किनारा, रूफटॉप रेस्टोरेंट
बैंक्वेट हॉल, ड्राइव-इन थिएटर
स्पा, जिम, स्विमिंग पूल
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इनका कहना है
एमपीटी लेकव्यू रेसिडेंसी को रेवेन्यू शेयर मॉडल पर 60 साल के लिए दिया गया है। फिलहाल इस होटल में 31 मई तक ही बुकिंग होगी। इसके बाद इसे नए आॅनरशिप को हैंडओवर कर दिया जाएगा। वह इसका नई सुविधाओं के सथ विस्तार और संचालन करेगा।
- डॉ . इलैयाराजा टी, प्रमुख सचिव, मप्र पर्यटन