IPL शुरू होते ही शहर में एक बार फिर सट्टे का बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो गया है। हर साल की तरह इस बार भी जिले में अरबों रुपए का सट्टा लगाया जा रहा है, लेकिन पुलिस की सख्ती के चलते सटोरियों ने अपने ठिकाने बदल लिए हैं। अब वे शहर से बाहर या गुप्त स्थानों पर बैठकर सट्टा संचालित कर रहे हैं। पुलिस भी पूरी तरह अलर्ट मोड में है और क्राइम ब्रांच के साथ थाना पुलिस गोपनीय तरीके से सटोरियों की लोकेशन ट्रैक करने में जुटी है। मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है ताकि बिना शक पैदा किए सटोरियों तक पहुंचा जा सके।
IPL सट्टे का सबसे बुरा असर युवाओं पर देखने को मिल रहा है। जानकारी के मुताबिक कई युवा लाखों-करोड़ों रुपए का कर्ज लेकर इस खेल में फंस चुके हैं। कुछ लोगों की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई कि उन्हें अपने घर तक बेचने पड़े। यही वजह है कि पुलिस इस बार पहले से ज्यादा सख्त नजर आ रही है।
पुलिस कार्रवाई के दबाव के चलते सटोरिए अब शहर छोड़कर बाहर किराए के मकानों में या अन्य जगहों पर सट्टा चला रहे हैं। इससे बचने के लिए पुलिस ने नया तरीका अपनाया है और हाल ही में किराए पर दिए गए मकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। मकान मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किराएदारों की पूरी जानकारी थाने में दर्ज कराएं।
सटोरियों ने पुलिस से बचने के लिए नया तरीका भी अपना लिया है। कई आरोपी अब अपनी लग्जरी कारों में बैठकर ही सट्टा खिला रहे हैं और सुनसान इलाकों को ठिकाना बना रहे हैं। पुलिस ने पहले भी ऐसे मामलों में कार्रवाई की है, लेकिन इसके बावजूद सटोरिए लगातार अपने तरीके बदल रहे हैं।
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पुलिस ने साफ कर दिया है कि यदि किसी मकान या वाहन में सट्टा संचालित होता पाया गया, तो सटोरियों के साथ मकान मालिक पर भी कार्रवाई की जाएगी।

एसपी संपत उपाध्याय ने कहा कि सभी थाना प्रभारियों को अवैध गतिविधियों पर नजर रखने और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी तरह की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।