अचानक कोई बेहोश होकर गिर जाए तो क्या करें? घबराएं नहीं, ऐसे दें तुरंत मदद

किसी व्यक्ति का अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिरना बेहद गंभीर स्थिति हो सकती है। ऐसे समय में घबराने के बजाय तुरंत सही कदम उठाना जरूरी है। अगर मामला कार्डियक अरेस्ट का है, तो शुरुआती कुछ मिनट बेहद अहम होते हैं। समय पर CPR और जरूरत पड़ने पर AED का इस्तेमाल मरीज की जान बचाने में मदद कर सकता है।
सबसे पहले व्यक्ति की हालत जांचें
अगर आपके सामने कोई अचानक गिर जाता है, तो पहले यह देखें कि आसपास की जगह सुरक्षित है या नहीं। इसके बाद व्यक्ति को आवाज देकर और हल्के से प्रतिक्रिया जांचें। अगर वह जवाब नहीं दे रहा है, तो देखें कि वह सामान्य रूप से सांस ले रहा है या सिर्फ हांफ रहा है। अगर व्यक्ति बेहोश है और सांस सामान्य नहीं है या बिल्कुल नहीं आ रही है, तो इसे गंभीर आपात स्थिति मानें। तुरंत आसपास के लोगों से मदद मांगें और आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलाएं।
कब शुरू करें Hands-Only CPR?
वयस्क या किशोर अचानक गिर जाए और वह प्रतिक्रिया न दे रहा हो, साथ ही सामान्य सांस भी न ले रहा हो, तो Hands-Only CPR शुरू करना चाहिए। इसमें मुंह से सांस देने के बजाय छाती के बीच वाले हिस्से पर लगातार दबाव दिया जाता है। आम लोगों के लिए यह तरीका खास तौर पर उपयोगी है। CPR के दौरान छाती के बीच में दोनों हाथ रखकर करीब 100 से 120 बार प्रति मिनट की रफ्तार से दबाव दिया जाता है। दबाव देने के बाद छाती को वापस सामान्य स्थिति में आने देना भी जरूरी है। मेडिकल टीम पहुंचने तक या व्यक्ति के सामान्य रूप से प्रतिक्रिया देने तक CPR जारी रखें।
AED मिले तो तुरंत इस्तेमाल करें
अगर आसपास AED यानी ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर उपलब्ध है, तो किसी दूसरे व्यक्ति को उसे लाने के लिए कहें। AED को चालू करके उसके आवाज या स्क्रीन पर दिए निर्देशों का पालन किया जा सकता है। यह मशीन खुद जांच करती है कि शॉक की जरूरत है या नहीं। CPR शुरू करने के बाद सिर्फ AED खोजने के लिए उसे रोकना नहीं चाहिए। अगर कोई दूसरा व्यक्ति AED ला सकता है, तो एक व्यक्ति CPR जारी रखे और दूसरा AED लेकर आए।
ये भी पढ़ें: गैस सिलेंडर जल्दी हो जाता है खत्म? ये भी हो सकता है कारण
बेहोश व्यक्ति के साथ ये गलती न करें
बेहोश व्यक्ति को जबरदस्ती पानी, खाना या दवा देने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में व्यक्ति सामान्य तरीके से निगल नहीं सकता और इससे परेशानी बढ़ सकती है। साथ ही, केवल यह देखकर इंतजार न करें कि व्यक्ति खुद ठीक हो जाएगा। अगर वह प्रतिक्रिया नहीं दे रहा और सामान्य सांस नहीं ले रहा है, तो तुरंत मदद बुलाना और CPR शुरू करना जरूरी है।
हर बेहोशी में CPR नहीं किया जाता
यह भी समझना जरूरी है कि हर बार अचानक गिरने का मतलब कार्डियक अरेस्ट नहीं होता। CPR खास तौर पर उस स्थिति में शुरू किया जाता है जब व्यक्ति प्रतिक्रिया नहीं दे रहा हो और सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो या सिर्फ हांफ रहा हो। वयस्क या किशोर के अचानक कार्डियक अरेस्ट में Hands-Only CPR आम लोगों के लिए शुरुआती मदद का आसान तरीका है। वहीं बच्चों और शिशुओं के लिए CPR की जरूरतें अलग हो सकती हैं और कई परिस्थितियों में सांस के साथ CPR की जरूरत पड़ती है। समय पर दी गई प्राथमिक मदद मेडिकल टीम के पहुंचने तक महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इसलिए ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत आपातकालीन मदद बुलाएं और उपलब्ध होने पर CPR व AED का इस्तेमाल करें।




















