हिमाचल सड़क हादसे में बुझा पूरा परिवार, दुर्ग के कुथरेल में एक साथ उठीं चार अर्थियां

गांव के इतिहास में पहली बार एक साथ उठीं चार अर्थियां।
ग्रामीणों के अनुसार कुथरेल के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब एक ही परिवार के चार सदस्यों की अर्थियां एक साथ उठीं। अरविंद चंद्राकर, उनकी पत्नी और दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार एक ही दिन किया गया। श्मशान घाट में एक साथ चार चिताएं जलने का दृश्य देखकर मौजूद लोगों की आंखें भर आईं।
ताइक्वांडो प्रतियोगिता के बाद घूमने गए थे हिमाचल।
जानकारी के मुताबिक अरविंद चंद्राकर अपने परिवार के साथ बच्चों की ताइक्वांडो प्रतियोगिता में शामिल होने गए थे। प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद दोनों परिवार हिमाचल प्रदेश के साच पास क्षेत्र में घूमने निकले थे। इसी दौरान 29 मई की रात कालावन क्षेत्र के पास उनकी टैक्सी अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी।
500 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, किसी को नहीं बचाया जा सका।
हादसा इतना भीषण था कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद लंबे समय तक वाहन का पता नहीं चल सका। बाद में जीपीएस लोकेशन के आधार पर कार की स्थिति का पता चला, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने खोज एवं राहत अभियान शुरू किया।
खराब मौसम और दुर्गम इलाके ने बढ़ाई मुश्किलें।
दुर्घटनास्थल दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में होने और मौसम खराब होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों, पुलिस और प्रशासन की टीम ने ह्यूमन चेन बनाकर खाई से सभी शवों को बाहर निकाला।
हादसे में आठ लोगों की गई जान।
इस हादसे में अरविंद चंद्राकर, उनकी पत्नी प्राची चंद्राकर, पुत्र दर्श और अक्षज के अलावा दूसरे परिवार के पी.जी. कार्तिघायन, उनकी पत्नी मनीमाला, पुत्र नंदन तथा टैक्सी चालक की भी मौत हो गई।
पूरा गांव शोक में डूबा।
एक साथ चार चिताओं की आग ने पूरे कुथरेल गांव को गमगीन कर दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने इसे गांव के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक बताया। हादसे ने न केवल दो परिवारों को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है
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