Himachal Political Crisis : विक्रमादित्य का मंत्री पद से इस्तीफा, स्पीकर ने BJP के 15 विधायकों को किया सस्पेंड

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Himachal Political Crisis : विक्रमादित्य का मंत्री पद से इस्तीफा, स्पीकर ने BJP के 15 विधायकों को किया सस्पेंड
शिमला। हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बुधवार को पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। कांग्रेस विधायक की घोषणा से पार्टी में असंतोष खुलकर सामने आ गया है। कांग्रेस मंगलवार को राज्य की एकमात्र राज्यसभा सीट पर भाजपा से चुनाव हार गई थी। ऐसे में अपनी सरकार को गिरने से बचाने की खातिर कांग्रेस को अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए प्रत्यक्ष तौर पर काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। विक्रमादित्य सिंह हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे हैं और शिमला (ग्रामीण) से विधायक हैं।

विधानसभा से बीजेपी के 15 विधायक सस्पेंड

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का सत्र शुरू होते विपक्ष का हंगामा शुरू हो गया। इस बीच स्पीकर ने बड़ा एक्शन लेते हुए बीजेपी के 15 विधायकों को सदन से सस्पेंड कर दिया है। बीजेपी के इन विधायकों में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भी शामिल हैं। वहीं बीजेपी के 15 विधायकों को सदन से सस्पेंड किया गया है, उनमें जयराम ठाकुर, विपिन सिंह परमार, विनोद कुमार, जनक राज, बलबीर वर्मा, सुरेंद्र शौरी, इंदर सिंह गांधी, हंसराज, लोकेंद्र कुमार, रणधीर शर्मा, रणवीर सिंह निक्का शामिल हैं। इसके साथ ही विधानसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई है।

विक्रमादित्य पिता को याद कर हुए भावुक

हिमाचल प्रदेश सरकार में मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनी पिता को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने पिता की तुलना आखिरी मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर से की। कहा कि पूरा चुनाव वीरभद्र सिंह के नाम पर लड़ा गया।भारी मन के साथ कहना पड़ रहा है कि जिस व्यक्ति की वजह से हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनी, उनकी मूर्ति लगाने के लिए शिमला के मॉल रोड पर 2 गज जमीन नहीं दी। ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।

सरकार पर लगाया अपमानित करने का आरोप

मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा, विधायकों के साथ कहीं न कहीं अनदेखी हुई है, विधायकों की आवाज दबाने की कोशिश की गई है, जिसके कारण हम आज इस कगार पर खड़े हैं। लगातार इन विषयों को पार्टी नेतृत्व के समक्ष भी उठाया गया है, लेकिन उसका जिस तरह से सरोकार लेना चाहिए था, वो नहीं लिया गया। मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि मुझे एक मंत्री के तौर पर अपमानित करने का काम किया गया है, जिस तरह के संदेश विभाग में भेजे जाते हैं, हमें कमजोर करने की कोशिश की गई। सरकार सभी के सामूहिक प्रयास से बनी थी। मैं किसी भी दबाव में नहीं आने वाला। [embed]https://twitter.com/ANI/status/1762708647308587504[/embed]

पार्टी हाईकमान पर छोड़ा फैसला

विक्रमादित्य सिंह ने कहा, "हमने पार्टी का हमेशा साथ दिया है। मैं आज सिर्फ इतना कहना चाहूंगा कि वर्तमान समय में मेरा इस सरकार में बने रहना ठीक नहीं है। मैंने यह निर्णय लिया है कि मैं मंत्रीमंडल से इस्तीफा दे रहा हूं।" विक्रमादित्य सिंह ने कहा, जो वास्तविक परिस्थितियां है उसके बारे में मैंने पार्टी हाईकमान को अवगत कराया है। अब गेंद उनके पाले में है, अब उन्हें फैसला लेना है कि उनका कदम क्या होगा। आने वाले समय में जो भी होगा वह पार्टी हाईकमान के साथ विचार-विमर्श करके किया जाएगा। मुझे पूरा विश्वास है कि जो भी फैसला लिया जाएगा वह संगठन, पार्टी और इस राज्य के लोगों के व्यापक हित में लिया जाएगा। ये भी पढ़ें- Himachal Political Crisis : हिमाचल में हलचल तेज, राज्यपाल से मिले BJP विधायक, जयराम ठाकुर ने बजट पर की डिवीजन की मांग
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By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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