पुनीत हुकवानी, डबरा
ग्वालियर। डबरा-ग्वालियर हाइवे पर आरटीओ के नाम पर चल रहे कथित वसूली सिंडीकेट ने भ्रष्टाचार के सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि निजी लोग, विभागीय संरक्षण में, गाड़ियों को रोककर अवैध वसूली कर रहे हैं और बिना रसीद पैसे लेकर ड्राइवरों को धमकाया जा रहा है।
डबरा-ग्वालियर बायपास और एनएच-44 पर पिछले दो वर्षों से कथित तौर पर अवैध वसूली का खेल लगातार जारी है जहां सरकारी नंबर प्लेट लगी गाड़ियों से कमर्शियल वाहनों को रोका जाता है और फिर चालकों को डराकर पैसे वसूले जाते हैं यह पूरा घटनाक्रम दिनदहाड़े होता है जिससे वाहन चालकों में डर का माहौल बन गया है कई ड्राइवरों का कहना है कि अचानक गाड़ी रोकने से दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है इसके बावजूद यह कार्रवाई लगातार जारी है और स्थानीय प्रशासन भी इस पर चुप नजर आता है जिससे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस पूरे खेल को संरक्षण कौन दे रहा है।
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जानकारी के मुताबिक इस कथित सिंडीकेट द्वारा प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों को रोककर उनसे मोटी रकम वसूली जाती है एक अनुमान के अनुसार एक दिन में करीब 500 से 1000 रुपए वाहनों से वसूली की जाती है और हर वाहन से 500 से 1000 रुपये तक लिए जाते हैं इस हिसाब से रोजाना लाखों रुपये की अवैध कमाई होने की बात सामने आई है खास बात यह है कि यह पूरा खेल लंबे समय से चल रहा है लेकिन इसके बावजूद किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई है जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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पड़ताल में यह भी सामने आया है कि इस अवैध वसूली में शामिल ज्यादातर लोग विभाग के कर्मचारी नहीं बल्कि निजी व्यक्ति हैं जिन्हें कथित तौर पर विभाग से जुड़े एक ‘खास व्यक्ति’ द्वारा लगाया गया है ये लोग आरटीओ के नाम पर वाहन चालकों को रोकते हैं और नियमों का डर दिखाकर पैसे वसूलते हैं कई मामलों में ड्राइवरों के साथ बदसलूकी और मारपीट की भी शिकायत सामने आई है जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है यह भी आरोप है कि इन लोगों को वेतन भी उसी नेटवर्क के जरिए दिया जाता है जिससे पूरा सिस्टम संगठित तरीके से चल रहा है
वाहन चालकों का कहना है कि उनसे पैसे लेने के बाद कोई आधिकारिक रसीद नहीं दी जाती बल्कि एक साधारण कागज पर रकम लिखकर फोटो लेने को कहा जाता है अगर कोई ड्राइवर पक्की रसीद की मांग करता है तो उसे धमकाया जाता है या गाड़ी जब्त करने की चेतावनी दी जाती है कई ड्राइवरों ने इस तरह के अनुभव शेयर किए हैं जिससे यह साफ होता है कि यह वसूली पूरी तरह गैरकानूनी तरीके से की जा रही है इस मामले में आरटीओ अधिकारी विक्रमजीत कंग ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है लेकिन संबंधित गाड़ियां उनके नियंत्रण में नहीं हैं हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।