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युवा सिर्फ देश का भविष्य नहीं, आज की सबसे बड़ी ताकत! संस्कृत श्लोक से PM मोदी ने दिया युवाओं को खास संदेश

अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं की मेहनत, संवेदनशीलता और सेवाभाव की तारीफ की। उन्होंने कहा कि युवा केवल देश का आने वाला कल नहीं, बल्कि आज की सबसे बड़ी ताकत हैं। पीएम मोदी ने संस्कृत के एक सुभाषित के जरिए अच्छे विचार, व्यवहार और कर्मों की अहमियत भी समझाई।
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युवा सिर्फ देश का भविष्य नहीं, आज की सबसे बड़ी ताकत! संस्कृत श्लोक से PM मोदी ने दिया युवाओं को खास संदेश
संस्कृत श्लोक से PM मोदी ने दिया खास संदेश

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं के लिए खास संदेश साझा किया। उन्होंने युवाओं को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उनके काम, सोच और समाज के प्रति जिम्मेदारी की सराहना की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया। इसके जरिए उन्होंने बताया कि किसी व्यक्ति की पहचान केवल उसकी बातों से नहीं बल्कि उसके विचार, व्यवहार और काम से बनती है। प्रधानमंत्री का यह संदेश युवाओं को समाज के लिए सकारात्मक भूमिका निभाने और अपनी क्षमता का सही इस्तेमाल करने की प्रेरणा देता है।

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युवाओं को बताया देश की बड़ी ताकत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर युवाओं को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश के युवा केवल भारत का भविष्य नहीं हैं बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति भी हैं। उनके मुताबिक भारतीय युवाओं ने अपनी संवेदनशीलता, सेवाभाव और क्षमता के दम पर देश के साथ साथ दुनिया में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। पीएम मोदी का यह संदेश ऐसे समय आया है जब देश में युवाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। शिक्षा, तकनीक, स्टार्टअप, खेल, सामाजिक सेवा और कई दूसरे क्षेत्रों में युवा अपनी मेहनत से नई मिसाल कायम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं की इसी ऊर्जा और क्षमता को देश की ताकत बताया।

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संस्कृत सुभाषित के जरिए दिया खास संदेश

पीएम मोदी ने अपने संदेश के साथ संस्कृत का एक सुभाषित भी साझा किया। उन्होंने लिखा, "चक्षुषा मनसा वाचा कर्मणा च चतुर्विधम्। प्रसादयति यो लोकं तं लोकोऽनुप्रसीदति।।" इसका सरल अर्थ है कि जो व्यक्ति अपनी सोच, नजरिए, बोलचाल और काम से लोगों का दिल जीतता है, उसे समाज का विश्वास, सम्मान और स्नेह मिलता है। यानी व्यक्ति के अच्छे व्यवहार का असर केवल उस तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके आसपास के लोगों पर भी पड़ता है।

अच्छे गुणों को लेकर भी कही बात

प्रधानमंत्री ने इससे एक दिन पहले भी संस्कृत का सुभाषित साझा किया था। इसमें मनुष्य के उन आठ गुणों का उल्लेख किया गया, जो उसके व्यक्तित्व को बेहतर बनाते हैं। इनमें बुद्धि, अच्छा व्यवहार, संयम, ज्ञान, वीरता, अच्छी वाणी, अपनी क्षमता के अनुसार दान और कृतज्ञता जैसे गुण शामिल हैं। इस संदेश के जरिए पीएम मोदी ने बताया कि जीवन में सफलता केवल ज्ञान या ताकत से नहीं मिलती। अच्छे संस्कार, अनुशासन और दूसरों के प्रति सम्मान भी उतने ही जरूरी हैं। युवाओं के लिए ये गुण उनके व्यक्तिगत जीवन के साथ समाज में उनकी भूमिका को भी मजबूत कर सकते हैं।

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परोपकार को बताया जीवन का स्वभाव

पीएम मोदी इससे पहले 7 अगस्त को भी एक संस्कृत सुभाषित साझा कर चुके हैं। इसमें चंद्रमा और कमल के उदाहरण से बताया गया कि महान लोग बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की मदद करते हैं। उनके लिए परोपकार किसी लाभ की उम्मीद नहीं बल्कि जीवन का स्वाभाविक हिस्सा होता है। लगातार संस्कृत सुभाषित साझा करने के पीछे पीएम मोदी के संदेशों में अच्छे आचरण, सेवा, ज्ञान और समाज के प्रति जिम्मेदारी पर जोर दिखाई देता है। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर उनका संदेश भी इसी सोच को आगे बढ़ाता है।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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