Hidma Killed : 17 की उम्र में नक्सल संगठन जुड़ गया था हिड़मा, कई हमलों का रहा मास्टर माइंड

छत्तीसगढ़ में लाल आतंक का पर्याय रहे एक करोड़ का इनामी मोस्ट वांटेड नक्सली नेता माडवी हिड़मा (43) को आंध्र प्रदेश व छत्तीसगढ़ की सीमा पर सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में मारा गिराया। अल्लुरी सीताराम जंगल में हुई इस मुठभेड़ में हिड़मा की पत्नी राजे उर्फ रजक्का और उसके गार्ड सहित कुल 6 नक्सली मारे गए। हिड़मा कम उम्र में ही नक्सली संगठन से जुड़ गया था।
17 की उम्र में नक्सल संगठन जुड़ गया था हिड़मा, कई हमलों का रहा मास्टर माइंड
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    जगदलपुर/रायपुर। हिड़मा पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी बटालियन का टॉप कमांडर और माओवादी केंद्रीय समिति का सदस्य था। वह बस्तर क्षेत्र से सेंट्रल कमेटी में शामिल होने वाला एकमात्र आदिवासी था। हिड़मा कई बड़े नक्सली घटनाओं का मास्टरमाइंड था। हिडमा ने ही झीरम और ताड़मेटला की घटना की प्लानिंग रची थी।  सुकमा जिले के पूर्वर्ती गांव में माडवी हिड़मा का जन्म हुआ था। वह महज 17 साल की उम्र में माओवादी संगठन से जुड़ गया था। हिड़मा को हिडमालु उर्फ संतोष के नाम से भी जाना जाता था। माओवादी संगठन में शामिल होने से पहले हिड़मा अपने परिवार के साथ पुर्वर्ती में ही खेती किया करता था। उसका पूरा परिवार पूर्वर्ती गांव में ही रहता है।

    एनकाउंटर में मारे गए ये नक्सली 

    मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में हिड़मा सीसी मेंबर, हिड़मा की पत्नी मडगाम राजे हिड़मा, गार्ड देवा, लकमल डीसीएम, कमलू पीपीसीएम, मअल्ला पीपीसीएम शामिल है। वहीं जवानों ने मौके से दो एके 47, 1 रिवॉल्वर और 1 पिस्टल बरामद की है।

    शाह ने तय की थी 30 नवंबर की डेडलाइन  

    बताया जाता है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सली हिड़मा को 30 नवंबर तक खत्म करने की डेडलाइन सुरक्षा बलों को दी थी। हालांकि इससे 12 दिन पहले ही ऑपरेशन पूरा हो गया और हिड़मा मारा गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हिड़मा के मारे जाने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शीर्ष अधिकारियों से बात की और उन्हें बधाई देते हुए उनका मनोबल बढ़ाया।

    इन प्रमुख हमलों में था शामिल हिड़मा 

    6 अप्रैल 2010 : सुकमा जिले में चिंतलनार कैंप से करीब पांच किमी दूर ताड़मेटला गांव के पास घात लगाए बैठे नक्सलियों ने जवानों पर हमला किया। इसमें 76 जवान शहीद हो गए थे।

    25 मई 2013 :  सुकमा जिले में नक्सलियों ने झीरम के पास परिवर्तन यात्रा के जगदलपुर लौटते समय कांग्रेस नेताओं पर हमला किया था। इसमें छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व मंत्री और बस्तर टाइगर कहे जाने वाले महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार समेत 30 लोग मारे गए थे।

    कुछ दिन पहले ही हिड़मा के गांव पहुंचे थे डिप्टी सीएम शर्मा   

    प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा 10 नवंबर को सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड में स्थित हिड़मा के गांव पूर्वर्ती पहुंचे थे। जहां उन्होंने गांव में जनचौपाल लगाकर नक्सल लीडर माडवी हिड़मा एवं बारसे देवा के परिजनों के साथ अन्य ग्रामीणों से बातचीत की थी। इस दौरान माडवी हिड़मा की माता माडवी पुंजी तथा बारसे देवा की माता बारसे सिंगे ने हिड़मा और देवा से हिंसा का रास्ता छोड़ने की भावुक अपील की थी। 

    Twitter Post

     

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

    Latest Posts