Garima Vishwakarma
28 Jan 2026
नई दिल्ली। भारतीय राजनीति के इतिहास में हवाई दुर्घटनाएं कई बार ऐसे करिश्माई और प्रभावशाली नेताओं को हमसे छीन ले गईं, जिनसे देश को बड़ी उम्मीदें थीं। ताज़ा उदाहरण
भारतीय राजनीति में ऐसे कई उदाहरण हैं, जब विमान या हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं ने नेतृत्व को अचानक खत्म कर दिया बुधवार सुबह महाराष्ट्र के डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार का निजी विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी लोगों की मौैत हो गई। विमान में सिर्फ डिप्टी सीएम ही नहीं बल्कि उनके पर्सनल असिस्टेंट, सुरक्षा कर्मी और विमान स्टाफ भी सवार थे।
(1 ) सितम्बर 2009 में आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वाईएसआर राजशेखर रेड्डी का है, जिनकी हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। हादसे में वाईएसआर राजशेखर रेड्डी सहित पांच लोगों की मौत हो गई। वे जनसंपर्क अभियान के तहत यात्रा पर थे, तभी उनका हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
(2) 23 जून 1980 को कांग्रेस के युवा और तेजतर्रार नेता संजय गांधी का विमान दिल्ली में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वे स्वयं विमान उड़ा रहे थे। इंदिरा गांधी के बड़े पुत्र संजय गांधी की इस आकस्मिक मृत्यु ने देश की राजनीति की दिशा ही बदल दी।
(3) 30 सितंबर 2001 - को कांग्रेस के दिग्गज नेता माधवराव सिंधिया एक निजी विमान से उत्तरप्रदेश के मैनपुरी में सभा को संबोधित करने जा रहे थे। मैनपुरी जिले के भैंसरोली गांव के पास उनका सेसना सी-90 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में सिंधिया सहित विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई, जिनमें पांच पत्रकार भी शामिल थे।
इस घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सिंधिया का पार्थिव शरीर लाने के लिए विशेष विमान भेजा था। उल्लेखनीय है कि 1984 में सिंधिया ने ही वाजपेयी को ग्वालियर से लोकसभा चुनाव में पराजित किया था।
(4 ) 3 मार्च 2004 को तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष और तेलुगु देशम पार्टी के नेता जीएमसी बालयोगी की भी आंध्रप्रदेश में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई। यह हादसा उस समय हुआ, जब वे चुनावी दौरे पर थे।