रविवार को हरियाणा के झज्जर में रविवार शाम 4:10 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.1 मापी गई। भूकंप का केंद्र झज्जर के गांव गिरावड़ के पास था और हलचल जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में हुई।
इस भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि अचानक झटके महसूस होने से लोग घरों से बाहर निकल आए।

पिछले 45 दिनों में हरियाणा में यह 7वीं बार भूकंप आया है। 17 जुलाई को भी झज्जर में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
धरती के नीचे सात टेक्टोनिक प्लेट्स होती हैं, जो लगातार हिलती रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती या रगड़ती हैं, तो जमीन कांपती है। यही भूकंप होता है।
भूकंप पृथ्वी की सतह के नीचे स्थित टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल से आते हैं। ये प्लेटें जब आपस में टकराती हैं (अभिसरण सीमा), एक-दूसरे से अलग होती हैं (अपसरण सीमा) या समानांतर खिसकती हैं (संसरण सीमा) तो इनकी आपसी रगड़ और तनाव से ऊर्जा निकलती है, जो भूकंपीय तरंगों के रूप में फैलती है और भूकंप आता है।