खंडवा के कन्या आश्रम में परोसा अधपका खाना:कच्चे चावल खाने के बाद बिगड़ी बच्चियों की तबीयत, अस्पताल में कराया भर्ती

खंडवा जिले के हरसूद के खालवा क्षेत्र स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास आंवलिया में भोजन खाने के बाद 20 से 25 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। छात्राओं ने पेट दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें 108 एंबुलेंस की मदद से रोशनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। उपचार के बाद बुधवार को सभी बच्चियों को वापस छात्रावास भेज दिया गया।
कच्चे चावल और कद्दू की सब्जी खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे छात्रावास में बच्चियों को भोजन कराया गया। आरोप है कि खाने में अधपके चावल और कद्दू की सब्जी परोसी गई थी। भोजन करने के कुछ देर बाद कई छात्राओं के पेट में दर्द शुरू हो गया। इसके बाद बच्चियों ने अपने पालकों को इसकी जानकारी दी।
सूचना मिलने के बाद पालक छात्रावास पहुंचे और बीमार बच्चियों को 108 एंबुलेंस से रोशनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों ने उपचार के बाद सभी छात्राओं को छुट्टी दे दी।
जयस संगठन ने की जांच और कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलने पर जयस संगठन के पदाधिकारी भी छात्रावास पहुंचे। उन्होंने बच्चियों और पालकों से बातचीत कर पंचनामा तैयार किया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। संगठन का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधीक्षक ने कर्मचारियों पर लगाया लापरवाही का आरोप
छात्रावास अधीक्षक नीता पोटफोड़े ने बताया कि कर्मचारियों की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ दिनों से कर्मचारियों के साथ विवाद चल रहा था और इसकी जानकारी पहले ही अधिकारियों को दे दी गई थी।
अधीक्षक के अनुसार, घटना के समय वह विश्राम कर रही थीं और इसी दौरान कर्मचारी भोजन बनाकर चले गए। उनका कहना है कि चावल पूरी तरह कच्चे नहीं थे, लेकिन कुछ हिस्से अधपके रह गए थे।
116 छात्राएं रहती हैं छात्रावास में
120 सीटों वाले इस छात्रावास में फिलहाल 116 छात्राएं रह रही हैं। यहां पहली से पांचवीं कक्षा तक की बच्चियों के रहने और पढ़ाई की व्यवस्था है। घटना के बाद पालकों ने भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
प्रशासन ने मांगी जानकारी
प्रभारी सहायक आयुक्त नारायण सिंह ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और अधीक्षक के बीच विवाद की जानकारी फिलहाल उनके पास नहीं है।












