हरदा में किसान आंदोलन पर एक्शन...हाईवे पर पुलिस-किसानों के बीच गहमागहमी
हरदा। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार 27 जुलाई को नर्मदापुरम से भोपाल तक पदयात्रा आंदोलन पर प्रशासन ने कड़ा पहरा लगाया है। जिले की सीमाओं पर भारी पुलिस बल तैनात है। वहीं जगह जगह बेरिकेट्स भी लगाए हैं। खबर है कि हरदा समेत भेरूंदा, पिपरिया व अन्य स्थानों पर किसान नेताओं को नजर बंद किया है। हरदा में आंदोलन में शामिल होने जा आम किसान यूनियन के सदस्यों को हाइवे से पहले ही रोक लिया गया। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच रास्ता रोके जाने की बात पर गहमागहमी के वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहे हैं।
किसान नेता ने लगाए आरोप
किसान नेता राम इनानिया ने कहा कि किसानों की शांतिपूर्ण पदयात्रा को कुचलने का प्रयास जा रहा है। लेकिन, शासन ये बात नहीं समझ रहा कि किसान अब अपने हक अधिकार के लिए आर पार की लड़ाई को तैयार है। किसान विरोध निर्णयों की वजह से छोटे एवं मध्यम वर्गीय किसानों की कमर टूट चुकी है। दिनेश लेगा ने कहा कि पहले किसानों को गांवों में रोकने की कोशिश की। जब किसान नही माने तो शहर से बाहर जाने वाले रास्तों पर बेरीकेट्स लगाएं गए। काफी देर तक रास्ता रोके रखा। इसके बाद किसान बेरीकेट्स हटाकर आगे बढ़ चुके हैं। केदार सिरोही ने दावा किया कि हरदा सहित आसपास के जिलों में 20 से ज्यादा किसान नेताओं को नजरबंद किया गया है। सिरोही ने सरकार को चेतावानी देते हुए कहा कि जिस तरह का बर्ताव किसानों के साथ हो रहा है।
किसान न झुकेगा और न ही दबेगा- सिरोही
वैसा ही अगर किसानों ने गांवों का रास्ता बंद कर दिया तो सरकार के होश उड़ जाएंगे। सिरोही ने कहा किसान ना झुकेगा, ना दबेगा। किसानों की मांगे सत्ता के गलियारे में गूंजकर रहेगी। बता दें कि संयुक किसान मोर्चा के आह्वान पर 13 प्रमुख किसान संगठनों का पदयात्रा आंदोलन को समर्थन है। इसी क्रम में आंदोलन की पूर्व संध्या से किसानों का नर्मदापुरम पहुंचने का सिलसिला जारी था। वहीं, दूसरे दिन यानि सोमवार सुबह से प्रशासन के बेरिकेट्स ने किसानों की नाराजगी ओर अधिक बढ़ा दी है।
Edited By- Aakash Waghmare














