CJP की केंद्र सरकार को चेतावनी :प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई नहीं रुकी तो फिर होगा देशव्यापी आंदोलन

नीट पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है। संगठन का कहना है कि यदि प्रदर्शन में शामिल छात्रों और वॉलंटियर्स के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं रोकी गई और दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गईं, तो वह फिर से देशभर में आंदोलन शुरू करेगा।
सीजेपी का आरोप है कि 25 जुलाई को केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई बातचीत में सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब उस वादे का पालन नहीं किया जा रहा है।
'आंदोलन खत्म होते ही छात्रों को बनाया जा रहा निशाना'
सोमवार को राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने मांगें मानने के बाद आंदोलन वापस लेने को कहा था।
उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन समाप्त होने के बाद अब छात्रों और वॉलंटियर्स को एक-एक कर निशाना बनाया जा रहा है। सौरव दास ने कहा कि सीजेपी उन सभी छात्रों की कानूनी मदद कर रही है, जिन पर पुलिस कार्रवाई हो रही है।
कपिल सिब्बल ने की कानूनी सहायता की घोषणा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कपिल सिब्बल ने कहा कि आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें विरोध की आवाज दबाने की कोशिश कर रही हैं।
सिब्बल ने प्रदर्शनकारी छात्रों की कानूनी मदद के लिए 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एक वेबसाइट बनाई जाएगी, जहां छात्र वकीलों से संपर्क कर सकेंगे। साथ ही देशभर के वकीलों से आगे आकर छात्रों की मदद करने की अपील भी की।
जिला स्तर पर बनेगा वकीलों का पैनल
सौरव दास ने बताया कि नई वेबसाइट पर हर जिले के वकीलों का पैनल बनाया जाएगा, ताकि जिन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, उन्हें तुरंत कानूनी सहायता मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बड़ी संख्या में एफआईआर दर्ज की गई हैं और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
'साक्षी' नाम से लॉन्च होगा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म
सीजेपी ने 'साक्षी' (Saakshi) नाम से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू करने की घोषणा की है। संगठन ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास पुलिस कार्रवाई से जुड़े वीडियो या तस्वीरें हैं, तो वे इस प्लेटफॉर्म पर अपलोड करें। सीजेपी का कहना है कि इन फोटो और वीडियो का इस्तेमाल अदालत में सबूत के रूप में किया जाएगा, ताकि कार्रवाई का सामना कर रहे छात्रों की कानूनी मदद की जा सके।











