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अशोकनगर :मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं होने पर संत समाज नाराज, पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

संत समाज का कहना है कि उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है और इससे संतों का अपमान हुआ है। इसी के विरोध में प्रदेश के प्रत्येक जिले में सरकार और उज्जैन सिंहस्थ कुंभ के बहिष्कार का अभियान चलाया जाएगा।
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मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं होने पर संत समाज नाराज, पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
राजकुमार नामदेव अशोकनगर

अशोकनगर। पांच सूत्रीय मांगों को लेकर भोपाल पहुंचे संत समाज के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात नहीं होने पर संतों ने नाराजगी जताते हुए सरकार और उज्जैन सिंहस्थ कुंभ के बहिष्कार का अभियान शुरू करने की घोषणा की है। राष्ट्रीय संत सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य देवमुरारी बापू के नेतृत्व में संतों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर वार्ता नहीं हुई तो 4 अगस्त के बाद हजारों संत दोबारा मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। जानकारी के अनुसार, संत प्रतिनिधिमंडल 22 जून को अशोकनगर से भोपाल पहुंचा था। 23 जून को मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं होने पर उनका पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री कार्यालय के ओएसडी को सौंपा गया और मुलाकात के लिए समय मांगा गया। संतों का आरोप है कि मुख्यमंत्री की ओर से कोई समय नहीं दिया गया, जिससे समाज में नाराजगी बढ़ गई।

पुलिस ने रोका, अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन

मुख्यमंत्री आवास घेराव के लिए निकले संतों को पुलिस ने रास्ते में रोक लिया। मौके पर तीन थाना क्षेत्रों का पुलिस बल, टीआई और डीएसपी मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुरोध पर संतों ने अपना ज्ञापन पुलिस के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए सौंप दिया। प्रशासन की ओर से एक सप्ताह का समय मांगा गया, जिसे संत समाज ने स्वीकार किया। हालांकि संतों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में वार्ता नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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हमारी मांगे लगातार नजरअंदाज की जा रही

संत समाज का कहना है कि उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है और इससे संतों का अपमान हुआ है। इसी के विरोध में प्रदेश के प्रत्येक जिले में सरकार और उज्जैन सिंहस्थ कुंभ के बहिष्कार का अभियान चलाया जाएगा। साथ ही दतिया उपचुनाव में भी गौमाता, मंदिरों और पुजारियों के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाने की बात कही गई।

आचार्य देवमुरारी बापू ने बताया कि उन्होंने पशुधन मंत्री लखन पटेल को भी पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रदेश में आवारा गौवंश की समस्या पर चर्चा हुई। मंत्री ने बताया कि बड़ी संख्या में गौवंश सड़कों पर है और सरकार स्वावलंबी गौशालाओं के माध्यम से उन्हें आश्रय देने की योजना पर काम कर रही है।

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इस आंदोलन में सनातन सेना, अखंड रघुवंशी समाज, पुजारी संघ, वाल्मीकि समाज, बौद्ध समाज, नेपाल ग्रुप, भवानी संघ, मुस्लिम समाज सहित कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे। इसके अलावा कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, सपाक्स, भगवा पार्टी, परिवर्तन पार्टी ऑफ इंडिया, लोकतांत्रिक अभिनव पार्टी और संपूर्ण समाज पार्टी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने भी संत समाज के आंदोलन को समर्थन दिया।

Rajkumar Namdev
By Rajkumar Namdev

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