23 लाख की ठगी से टूटा युवक :ट्रेन के सामने कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में सिंधिया से लगाई गुहार

ग्वालियर के रहने वाले जसपाल सिंह यादव ने कथित तौर पर लोन दिलाने के नाम पर हुई ठगी से परेशान होकर ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। रविवार देर रात झांसी रोड रेलवे लाइन पर उनका शव मिला। शनिवार से वह लापता थे। सोमवार सुबह परिजनों ने शव की पहचान की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सुसाइड नोट में सिंधिया से लगाई गुहार
जसपाल ने पांच पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा है। इसमें उन्होंने लिखा- सिंधिया जी, जब आप यह पत्र पढ़ेंगे, तब तक मैं इस दुनिया से जा चुका होऊंगा। युवक ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से परिवार को न्याय दिलाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
3.45 करोड़ के लोन का दिया था झांसा
सुसाइड नोट के अनुसार, आरोपियों ने जसपाल को भरोसा दिलाया था कि उनकी डेढ़ करोड़ रुपए की जमीन पर 3 करोड़ 45 लाख रुपए का लोन मंजूर हो गया है। इसके लिए कथित बैंक सैंक्शन लेटर भी दिखाया गया। लोन दिलाने के नाम पर आरोपियों ने उनसे 23 लाख रुपए ले लिए, लेकिन बाद में कोई काम नहीं कराया।
फरवरी 2025 से जुलाई 2026 तक करते रहे इंतजार
जसपाल के मुताबिक, फरवरी 2025 में पैसे लेने के बाद आरोपी लगातार बहाने बनाते रहे। जुलाई 2026 तक न तो लोन मिला और न ही रुपए वापस किए गए। जब उन्होंने दबाव बनाया तो आरोपी फरार हो गए।
सुसाइड नोट में तीन लोगों पर लगाए आरोप
सुसाइड नोट में जसपाल ने आशीष गुप्ता, रवि जाटव और रवि कुमार के नाम लिखे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने न सिर्फ उनके साथ, बल्कि कई अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी की है। युवक ने यह भी दावा किया कि मुख्य आरोपी रवि कुमार कुलैथपुरा गांव में अपने रिश्तेदारों के यहां छिपा हुआ था।
ब्याज मिलाकर 35 लाख रुपए चुका चुके थे
जसपाल ने लिखा कि 23 लाख रुपए जुटाने के लिए उन्होंने अपनी बुलेट बाइक, सोना, सफारी और कार तक गिरवी रख दी थी। 20 प्रतिशत ब्याज के कारण वह अब तक करीब 35 लाख रुपए चुका चुके थे। उन्होंने अपने आखिरी पत्र में लिखा- मैं जीना चाहता था, लेकिन इस धोखाधड़ी ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी।
पुलिस ने सुसाइड नोट को जांच में शामिल कर लिया है। नोट में लिखे मोबाइल नंबरों और पतों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। मामले की जांच जारी है।











