महिला डॉक्टर का दर्दनाक कदम: जहरीला इंजेक्शन लगाया, सीनियर डॉक्टर पर प्रताड़ना का आरोप

इंदौर। एमटीएच अस्पताल में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां पदस्थ 28 वर्षीय महिला डॉक्टर अपने हॉस्टल के कमरे में बेसुध मिलीं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर ने कथित तौर पर खुद को जहरीला इंजेक्शन लगा लिया था। हालत बिगड़ने पर साथी स्टाफ उन्हें तत्काल एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां उनका उपचार जारी है।घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और पुलिस महकमे में भी हलचल बढ़ गई। डॉक्टर ने एक सीनियर डॉक्टर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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सुबह कमरे में मिलीं बेसुध, साथी स्टाफ में मचा हड़कंप
संयोगितागंज पुलिस के मुताबिक, डॉक्टर की पहचान सिमी, पिता करण यादव, उम्र 28 वर्ष के रूप में हुई है। वह एमजीएम गर्ल्स हॉस्टल में रहती हैं। शनिवार सुबह करीब 11 बजे वह अपने कमरे में बेसुध अवस्था में मिलीं।कमरे में डॉक्टर की हालत देखकर साथी स्टाफ तत्काल सक्रिय हुआ और उन्हें उपचार के लिए एमवाय अस्पताल पहुंचाया। यहां पांचवीं मंजिल स्थित वार्ड नंबर 27 में उनका इलाज चल रहा है।प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि डॉक्टर ने खुद को जहरीला इंजेक्शन लगाया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने भी मामले की पड़ताल शुरू कर दी।
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सीनियर डॉक्टर पर प्रताड़ना का आरोप, कई दिनों से परेशान होने की बात
पुलिस जांच में डॉक्टर की ओर से एक सीनियर डॉक्टर पर प्रताड़ित करने का आरोप सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, ड्यूटी से जुड़े मामलों, आने-जाने और अन्य बातों को लेकर डॉक्टर कथित तौर पर परेशान थीं।हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों के बीच विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और डॉक्टर पर किस तरह का दबाव बनाया जा रहा था। पुलिस अब डॉक्टर के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इन आरोपों की जांच कर रही है।
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अस्पताल पहुंची महिला पुलिस अधिकारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए संयोगितागंज थाने की महिला पुलिस अधिकारी एमवाय अस्पताल पहुंचीं। पुलिस ने डॉक्टर के बयान लिए हैं। इसके अलावा घटना से पहले की परिस्थितियों और संबंधित लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले डॉक्टर की किन लोगों से बातचीत हुई थी और क्या किसी विवाद या तनाव के बाद उन्होंने यह कदम उठाया।
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अब हर पहलू की पड़ताल में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस मामले को लेकर जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच रही है। डॉक्टर के आरोप, साथी स्टाफ के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि घटना से पहले डॉक्टर की ड्यूटी और कार्यस्थल से जुड़ी परिस्थितियां कैसी थीं।



















