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ग्वालियर में माहौल सौहार्दपूर्ण बनाने के लिए जिला प्रशासन ने शुरू किया नवाचार

वॉट्सऐप ग्रुप लिस्ट होंगे, जिला प्रशासन के पास रहेगी एडमिन की जानकारी, कलेक्टर स्वयं करेंगी मॉनिटरिंग
ग्वालियर में माहौल सौहार्दपूर्ण बनाने के लिए जिला प्रशासन ने शुरू किया नवाचार
रुचिका चौहान, कलेक्टर-ग्वालियर

अर्पण राऊत
 ग्वालियर । जिले में सालों से अफवाहों के चलते पैदा होने वाले वैमनस्य से निपटने के लिए प्रशासन ने एक नवाचार की शुरुआत की है। जिले के प्रमुख समाज, धर्म और जाति  के वॉट्सऐप ग्रुप लिस्टेड होंगे। इनके एडमिन की जानकारी जिला प्रशासन के पास रहेगी और इनका अलग से एक ग्रुप तैयार होगा। इसकी मॉनिटरिंग खुद कलेक्टर करेंगी। ग्वालियर जिले में दो अप्रैल 2018 के बाद असामाजिक तत्वों ने वैमनस्यता का बीज बोने की कोशिश की थी। इसके बाद रातों रात तैयार तमाम संगठन अमन और सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गए। सोशल मीडिया और वॉट्सऐप ग्रुप्स पर एक भी भ्रामक पोस्ट से माहौल तत्काल खराब हो जाता है। 

अशांति की स्थिति में ग्रुप से संवाद करेगा प्रशासन

हाल ही में इसी तरह का माहौल देखने को भी मिला।  इसको ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन का रोजाना शहर के प्रमुख सामाजिक और धार्मिक लोगों से संपर्क करना संभव नहीं है। ऐसे में प्रशासन के जनसंपर्क विभाग ने नवाचार किया है। इसके तहत शहर के प्रमुख संगठनों और संस्थाओं के वॉट्सऐप ग्रुप की जानकारी जुटानी शुरू की है। ग्रुप के एडमिन का नाम, पता और मोबाइल नंबर प्रशासन के पास दर्ज की जा रही है। इन सभी एडमिन का जिला प्रशासन एक अलग से वॉट्सऐप ग्रुप बनाएगा। किसी तरह की अशांति होने पर जिला प्रशासन ्रग्रुप से सीधा संवाद कर अपनी बात रखेगा, ताकि भ्रम की स्थिति निर्मित नहीं हो और प्रशासन तत्काल प्रभावी कार्रवाई कर सकेगा। 

सुझाव भी करेंगे आमंत्रित 

वॉट्सऐप ग्रुप के माध्यम से न केवल शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भेजी जाएगी, बल्कि खेलकूद, पर्यावरण, संस्कृति आदि के क्षेत्र में भी किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी आमजन तक पहुंचाई जाएगी।  इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से नवाचारों को भी आमजनों तक पहुंचाने का कार्य होगा। समाज के विभिन्न वर्गों के महत्वपूर्ण सुझाव भी आमंत्रित किए जा सकेंगे।

 यह होगा फायदा 

- प्रशासन किसी भी इमरजेंसी में तत्काल अपना संदेश शहर में प्रसारित कर सकेगा ।
- ग्रुप एडमिन लिस्टेड होने से उन पर नैतिक दबाव होगा और गैरजरूरी पोस्ट ग्रुप में नहीं हो सकेंगे। 
-प्रशासन अपनी बात तत्काल शहर के प्रमुख संगठनों और संस्थानों तक पहुंचा सकेगा, जिससे भ्रम की स्थिति नहीं बनेगी ।
-कलेक्टर के स्वयं मॉनिटरिंग करने से किसी भी तरह की सूचना को प्राथमिकता से तस्दीक किया जा सकेगा।  

इनका कहना है 

मौजूदा घटनाक्रम के बाद आवश्यकता महसूस होने पर एक प्लान तैयार किया है। जनसंपर्क विभाग इसे हैंडल करेगा। इससे शासन की जरूरी सूचनाएं और जानकारी आमजन तक तत्काल पहुंचेगी। 
रुचिका चौहान, कलेक्टर, ग्वालियर 

People's Reporter
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