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MP News:ग्वालियर में आरक्षक अंकित तोमर की मौत का खुलासा, आरोपी दोस्त गिरफ्तार; केस दर्ज

ग्वालियर में छह दिन पहले हुई आरक्षक अंकित तोमर की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मृतक के दोस्त रामहेत गुर्जर के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि हादसे के बाद घायल आरक्षक को समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी।
ग्वालियर में आरक्षक अंकित तोमर की मौत का खुलासा, आरोपी दोस्त गिरफ्तार; केस दर्ज

ग्वालियर। मामले की जांच में सामने आया कि घटना वाली रात दोनों दोस्तों ने जंगल में बैठकर शराब पी थी। लौटते समय बाइक से गिरने के बाद आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया, लेकिन आरोपी उसे वहीं छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा 

आरक्षक अंकित तोमर की मौत के बाद पुलिस ने मामले की हर पहलू से जांच शुरू की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट और ज्यादा खून बहने को मौत का मुख्य कारण बताया गया। रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस को यह स्पष्ट संकेत मिला कि मामला सामान्य दुर्घटना से अधिक गंभीर हो सकता है। इसके बाद मामले की बारीकी से पड़ताल की गई।

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सीसीटीवी फुटेज में दोस्त आरक्षक के साथ दिखा 

पुलिस ने बस स्टैंड से लेकर घटनास्थल तक के पूरे रूट की जांच की। इस दौरान गुड़ी गुड़ा नाके के आगे जैन मंदिर के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में अंकित तोमर अपने दोस्त रामहेत गुर्जर की बाइक पर पीछे बैठे दिखाई दिए। फुटेज ने दोनों के साथ होने की पुष्टि कर दी। इसके बाद पुलिस ने रामहेत को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

पूछताछ में आरोपी ने बताई सच्चाई 

सख्ती से हुई पूछताछ में रामहेत गुर्जर ने स्वीकार किया कि वह अंकित को होंडा शोरूम के पीछे स्थित जंगल में ले गया था, जहां दोनों ने शराब पी थी। वापस लौटते समय बाइक तेज रफ्तार में थी और नशे की हालत में अंकित संतुलन खोकर सड़क पर सिर के बल गिर गया। इसी दौरान बाइक का पहिया उसके पैर के ऊपर से गुजर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया।

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मदद करने की बजाय छोड़कर भागा दोस्त

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी को घायल अंकित की गंभीर स्थिति का पूरा अंदाजा था। उसे पता था कि तत्काल इलाज नहीं मिलने पर उसकी जान जा सकती है। इसके बावजूद वह डर और घबराहट के कारण घायल आरक्षक को सुनसान इलाके में छोड़कर भाग गया। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते उसे अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।

परिजनों ने जताया था संदेह 

मृतक आरक्षक के परिजनों ने शुरुआत से ही रामहेत गुर्जर पर संदेह जताया था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि वह अंकित को जंगल में ले गया और उसके साथ कुछ अनहोनी हुई। पुलिस ने परिजनों के बयानों को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी साक्ष्य और अन्य सबूत जुटाए। 

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...

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