Raisen News :उप निरीक्षक के घर 37 लाख की चोरी, अंतर्राज्यीय गिरोह का सरगना गिरफ्तार

रायसेन। रायसेन में पुलिस लाइन में पदस्थ उप निरीक्षक अर्जुन सिंह उइके के घर हुई करीब 37 लाख रुपये की चोरी का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। विशेष जांच टीम ने अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के सरगना को इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से करीब 30 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और वारदात में इस्तेमाल करीब 7 लाख रुपये कीमत की स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की गई है।
परिवार के साथ बाहर गए थे उप निरीक्षक
पुलिस के अनुसार, उप निरीक्षक अर्जुन सिंह उइके 10 से 14 जुलाई 2026 तक परिवार के साथ बाहर गए हुए थे। 15 जुलाई को लौटने पर उन्होंने घर के ताले टूटे हुए देखे। जांच करने पर पता चला कि घर से सोने-चांदी के कीमती आभूषण चोरी हो चुके थे। इसके बाद कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया गया।
विशेष टीम ने 150 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक नायक और एसडीओपी प्रतिभा शर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई।
टीम ने रायसेन, भोपाल, सीहोर और खरबई क्षेत्र के करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार की पहचान की गई।
इंदौर से पकड़ा गया गिरोह का सरगना
पुलिस ने धार जिले के टांडा थाना क्षेत्र के पिपलवा गांव निवासी शंकर मोहनिया को इंदौर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
30 लाख के गहने और कार बरामद
आरोपी के कब्जे से सोने का हार, मंगलसूत्र, सोने की चेन, चूड़ियां, झुमके, चांदी की करधनी, पाजेब और अन्य आभूषण बरामद किए गए हैं। इनकी कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा चोरी में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त की गई है। कुल बरामदगी लगभग 37 लाख रुपये की है।
चार आरोपी अभी भी फरार
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय है। गिरोह रात के समय कार से अलग-अलग शहरों में जाकर सूने मकानों की रेकी करता था और मौका मिलते ही चोरी की वारदात को अंजाम देता था। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के चार अन्य सदस्य अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस मामले के खुलासे के बाद स्थानीय स्तर पर कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि रायसेन में बड़ी आपराधिक घटनाओं के खुलासे के लिए अक्सर पुलिस अधीक्षक को विशेष टीम बनानी पड़ती है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इस मामले का खुलासा तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और टीमवर्क की बदौलत संभव हुआ।












