ग्वालियर में पुलिस आरक्षक की संदिग्ध मौत :सरकारी डाक लेकर निकला था आरक्षक, 48 घंटे बाद मिला शव; हत्या या हादसा?

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से पुलिस विभाग को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। डीआरपी पुलिस लाइन में पदस्थ 36 वर्षीय आरक्षक अंकित तोमर का शव गुरुवार सुबह शिवपुरी लिंक रोड स्थित नवीन लोहा मंडी के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। आरक्षक का शव वर्दी में था और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए पुलिस हत्या, सड़क हादसे और अन्य सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों, फॉरेंसिक विशेषज्ञों और स्थानीय थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
दो दिन पहले सरकारी डाक लेकर निकले थे अंकित
जानकारी के अनुसार, अंकित तोमर मूल रूप से मुरैना जिले के अंबाह-पोरसा क्षेत्र के निवासी थे। वर्तमान में वे ग्वालियर के सिकंदर कंपू इलाके में रह रहे थे और डीआरपी पुलिस लाइन में पदस्थ थे। परिजनों के मुताबिक, दो दिन पहले उन्हें विभागीय डाक और जरूरी सरकारी दस्तावेज लेकर अपने गृह क्षेत्र पोरसा जाना था। उनके भांजे अवध सिंह ने उन्हें बस स्टैंड तक छोड़ा था और बस में बैठाया था।
इसके बाद से उनका मोबाइल फोन लगातार बंद आने लगा। जब काफी समय तक अंकित गांव नहीं पहुंचे और संपर्क भी नहीं हो पाया, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिवार उनकी तलाश में जुटा हुआ था।
दो दिन बाद मिला शव
गुरुवार सुबह कुछ राहगीरों ने शिवपुरी लिंक रोड स्थित नवीन लोहा मंडी के पास एक सुनसान स्थान पर वर्दी पहने व्यक्ति का शव पड़ा देखा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पहचान करने पर पता चला कि शव आरक्षक अंकित तोमर का है। घटनास्थल पर बड़ी मात्रा में खून फैला हुआ था, जिससे मामला और अधिक संदिग्ध हो गया।
शरीर पर चोटों के निशान, टखना बुरी तरह टूटा
प्रारंभिक जांच में अंकित तोमर के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। उनका बायां टखना पूरी तरह टूटा हुआ मिला। पुलिस के अनुसार, पैर से अत्यधिक रक्तस्राव होने के संकेत मिले हैं। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस का मानना है कि, अत्यधिक खून बहना मौत का कारण हो सकता है, लेकिन असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी।
हत्या, हादसा या कोई साजिश?
क्राइम सीन की शुरुआती जांच में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस को घटनास्थल पर ऐसे संकेत मिले हैं जिनसे लग रहा है कि शव को घसीटा गया हो सकता है। वहीं एक संभावना यह भी जताई जा रही है कि किसी भारी वाहन की चपेट में आने से यह स्थिति बनी हो। हालांकि, मृतक के परिजनों और करीबी रिश्तेदारों ने मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि-
- क्या अंकित किसी हादसे का शिकार हुए?
- क्या उनके साथ किसी प्रकार की हिंसक वारदात हुई?
- क्या यह सुनियोजित हत्या का मामला हो सकता है?
- दो दिनों तक उनका मोबाइल बंद क्यों रहा?
- वह पोरसा जाने के बाद ग्वालियर के इस इलाके तक कैसे पहुंचे?
CCTV और कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। साथ ही मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी निकाली जा रही है। जांच अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि, घटना से पहले अंकित किन लोगों के संपर्क में थे और उनकी आखिरी लोकेशन क्या थी। फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट और डिजिटल सबूतों को भी जांच में शामिल किया गया है।
अनुकंपा नियुक्ति से बने थे पुलिसकर्मी
अंकित तोमर का पुलिस विभाग से जुड़ाव पारिवारिक था। उनके पिता रामलखन सिंह तोमर भी पुलिस विभाग में कार्यरत थे। वर्ष 2016 में उनके पिता का निधन हो गया था। पिता की मृत्यु के बाद साल 2018 में अंकित तोमर को मध्य प्रदेश पुलिस में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। पिछले करीब आठ वर्षों से वह विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बताया जा रहा है कि, अंकित अविवाहित थे और ग्वालियर में अपने भाई-भाभी के साथ रहते थे।
पुलिस ने दर्ज किया मर्ग, जांच जारी
पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि, पोस्टमार्टम की शॉर्ट रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति ज्यादा स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही।











