सोहागपुर में दिव्यांगजनों के लिए विशेष शिविर, 125 ने कराया पंजीयन; 39 को मिले दिव्यांगता प्रमाण पत्र

सोहागपुर में दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी जरूरतों के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए विशेष शिविर आयोजित किया गया। भारत सरकार की ADIP योजना के तहत जनपद पंचायत परिसर में लगे इस शिविर में कुल 125 दिव्यांगजनों ने पंजीयन कराया। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सभी हितग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण और दिव्यांगता का मूल्यांकन किया। शिविर में जांच के बाद 39 दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए गए, जबकि 50 लोगों को सहायक उपकरण देने के लिए चयनित किया गया। इसके अलावा 21 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग भी प्रदान किए गए। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर चिकित्सा सुविधाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना था।
सोहागपुर में ADIP योजना के तहत लगा विशेष शिविर
भारत सरकार की एडिप (ADIP) योजना के अंतर्गत आयोजित यह शिविर जनपद पंचायत परिसर सोहागपुर में लगाया गया। इसमें आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में दिव्यांगजन पहुंचे। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने अलग-अलग प्रकार की दिव्यांगता से जुड़े मामलों की जांच की। इस दौरान हितग्राहियों का पंजीयन करने के साथ उनकी शारीरिक और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का आकलन किया गया। जांच के आधार पर पात्र लोगों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र और सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की गई।
125 दिव्यांगजनों ने कराया पंजीयन, जानिए किसे क्या मिला
शिविर में कुल 125 दिव्यांगजनों ने अपना पंजीयन कराया। स्वास्थ्य परीक्षण और मूल्यांकन के बाद अलग-अलग श्रेणियों में हितग्राहियों का चयन किया गया।
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125 दिव्यांगजन: शिविर में पंजीयन कराया।
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39 हितग्राही: दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए गए।
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50 हितग्राही: सहायक उपकरण देने के लिए चयनित किए गए।
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21 दिव्यांगजन: कृत्रिम अंग प्रदान किए गए।
इस तरह शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने किया स्वास्थ्य परीक्षण
शिविर में मेडिकल बोर्ड का नेतृत्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोहागपुर की बीएमओ डॉ. रेखा गौर ने किया। उन्हें मेडिकल बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था। मेडिकल टीम में अलग-अलग बीमारियों और विशेषज्ञताओं के डॉक्टर शामिल रहे। इनमें नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. उदित भट्ट, नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश विश्वास, एमडी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. संदीप साहू, अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल बहुके और मनोचिकित्सक डॉ. अंकिता मेहतो शामिल थीं। इसके अलावा क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट नाजिया सिद्दीकी और जिला चिकित्सालय की नेत्र सहायक प्रतिभा यादव ने भी परीक्षण कार्य में सहयोग किया। विशेषज्ञों ने दिव्यांगजनों की स्थिति का आकलन कर प्रमाण पत्र और सहायक उपकरणों के लिए उनकी पात्रता निर्धारित करने में मदद की।
जनपद पंचायत अध्यक्ष और SDM भी रहीं मौजूद
इस शिविर में जनपद पंचायत अध्यक्ष जालम सिंह पटेल और एसडीएम डॉ. बबीता राठौर भी उपस्थित रहीं। उनकी मौजूदगी में दिव्यांगजनों के पंजीयन, स्वास्थ्य परीक्षण और मूल्यांकन की प्रक्रिया आयोजित की गई। शिविर में पहुंचे हितग्राहियों को शासन की योजनाओं के तहत मिलने वाली सुविधाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया।
क्या है ADIP योजना और दिव्यांगजनों को कैसे मिलता है लाभ?
ADIP यानी Assistance to Disabled Persons for Purchase/Fitting of Aids and Appliances योजना भारत सरकार की पहल है। इसका उद्देश्य जरूरतमंद दिव्यांगजनों को उनकी शारीरिक जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को विभिन्न प्रकार के उपकरण दिए जा सकते हैं, ताकि उन्हें रोजमर्रा के काम करने और आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल सके।




















