ग्वालियरताजा खबरमध्य प्रदेश

हनुमान मंदिर में हुई चोरी का 4 साल बाद खुलासा : एक टैटू से पकड़े गए चारों आरोपी, उम्मीद से छह गुना ज्यादा निकली चोरी

गुना। मध्य प्रदेश के गुना में पुलिस ने 4 साल पहले हुई चोरी का खुलासा कर दिया है। गुना की हनुमान टेकरी पर चार वर्ष पहले हुई चोरी के मामले में शहर की कैंट और कोतवाली पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। चोरों ने टेकरी की दानपेटियों में से चोरी की थी। चोर टेकरी मंदिर से सात किलोमीटर दूर गढ़ा गांव के निकले। चोरों में से एक विश्व हिंदू परिषद का कार्यकर्ता है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

आरोपी के हाथ में बने टैटू से मिली कामयाबी

पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि, एक आरोपी के हाथ में टैटू बना हुआ था। उस टैटू की मदद से पुलिस ने आरोपी को दबोचा। जिसके बाद उसके साथी तीन और आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। इनमें से तीन आरोपी नशे के आदि हैं, जबकि चौथा आरोपी हर दिन हनुमान टेकरी पर दर्शन करने आता था।

जून 2020 में की थी चोरी

जानकारी के अनुसार, 18-19 जून 2020 की मध्य रात्रि में टेकरी मंदिर परिसर में रखे दान पत्रों को तोड़कर कुछ अज्ञात चोरों ने उसमें रखे पैसे चुरा लिए थे। टेकरी मंदिर के सुरक्षा गार्ड बाबूसिंह यादव निवासी धरनावदा की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने अपराध क्रमांक 558/2020 धारा 457, 380 भादवि की धाराओं में मामला दर्ज किया था। उस समय में उक्त चोरी के अज्ञात आरोपियों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए पुलिस द्वारा आसपास के ग्रामीणों एवं संदिग्ध व्यक्तियों के फिंगर प्रिंट लिये गये थे।

वर्तमान में मुख्यमंत्री द्वारा सभी जिले के पुलिस अधीक्षकों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में गंभीर एवं सनसनीखेज मामलों को सुलाझाने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में एसपी सिंहा द्वारा गुना में धार्मिक आस्था के केंद्र हनुमान टेकरी मंदिर में चार साल पहले हुई चोरी की घटना आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

https://x.com/psamachar1/status/1795318666986492284

आरोपियों के नाम

पुलिस ने संदेही गणेशराम जयसवाल उर्फ गन्नू पुत्र बाबूलाल जयसवाल उम्र 42 वर्ष, मनोज जोगी उर्फ अक्षय पुत्र दिनेश जोगी उम्र 35 वर्ष, अनिल मेर उर्फ अन्नू उर्फ केशरा पुत्र प्रेमनारायण मेर उम्र 37 वर्ष और मनोज चौरसिया पुत्र भगवानलाल चौरसिया उम्र 37 वर्ष निवासी ग्राम गढ़ा थाना धरनावदा जिला गुना को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इस दौरान चारों ने हनुमान टेकरी मंदिर में चोरी करना स्वीकार किया।

कैसे दिया वारदात को अंजाम

एसपी संजीव सिन्हा ने बताया कि, चारों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि घटना से करीब 10-15 दिन पहले गणेश एवं अन्नू ने चोरी करने की योजना तैयार की थी। जिसमें मनोज जोगी व मनोज चौरसिया को शामिल किया। फिर घटना के एक दिन पहले गणेश जयसवाल ने पहचान छिपाने के लिए घटना करते समय पहनने के लिए सदर बजार गुना से चार बनियान खरीदीं थीं। घटना के दिन चारों आरोपी प्लान के मुताबिक गढ़ा बस स्टैंड पर रात करीब 09-10 बजे के बीच पहुंचे। अन्नू अपने घर से एक लोहे का सरिया और गणेश अपने घर से एक लोहे का सब्बल तथा प्लास्टिक के कट्टे लेकर आया था।

वहां से चारों थोड़ी आगे गणेश के खेत पर पहुंचे। यहां गणेश के द्वारा बजार से खरीदी गई बनियानें उठाई और फिर चारों पैदल सिंघाडी गांव वाले कच्चे सस्ते से टेकरी मंदिर के लिए रवाना हुए। रास्ते में चारों ने पहले से पहनी हुई अपनी शर्ट छुपा दीं और खरीदकर लाई हुई बनियाने पहनकर अपनी-अपनी अपने मुंह बांध लिए। चारों रात में हनुमान टेकरी मंदिर के पास पहुंचे और यहां पर पीछे वाले जिंद बाबा के पास वाली सीढ़ियों से चढ़कर मंदिर के पीछे पहुंच गए। पीछे वाले छोटे गेट को तोड़कर मंदिर में अंदर घुसे। जहां मंदिर में रखे दान पात्रों को सब्बल एवं सरिया से तोडकर उनमें रखे पैसों को साथ में लाए एक प्लास्टिक के कट्टे में भर लिया।

उसी रास्ते से वापस अपनी छिपाई हुई शर्ट पहनकर सामान्य नागरिक की तरह गणेश के खेत पर पहुंचे। जहां अन्नू एवं गणेश ने सभी के घटना के दौरान पहने हुए बनियान, जूते, तोलिया निकलवाये। फिर उन्हें वहीं पर जला दिया और गणेश ने तीनों लोगों को उनके घर जाने को कहा और पैसों को बाद में बांटने की बात कही। फिर सबके जाने के बाद गणेश ने पैसों के कट्टे को अपने खेत पर ही छिपा दिया और घर चला गया। एक दिन बाद गणेश ने चोरी किए पैसों में से 90,000 रुपए अन्नू व मनोज चौरसिया को दिए और 10,000 रुपए मनोज जोगी को दिए थे। कुछ दिन बाद 10,000 रुपए और मनोज जोगी को गणेश ने दिए थे। करीब 194,000 रुपए गणेश ने अपने पास रख लिए थे। उन तीनों के द्वारा और पैसे मांगने पर गणेश ने उनसे कहा था कि, बचे हुए पैसे बाद में बांटेंगे और धीरे-धीरे गणेश नशा करने के लिए तीनों आरोपियों को रुपए देता रहा।

जुआ और नशे के आदि हैं आरोपी

एसपी सिंहा के अनुसार, आरोपी गणेशराम जयसवाल के द्वारा बताया कि टेकरी मंदिर में चोरी करने से पहले वह जुए में घर के रुपए हार गया था। उसकी पत्नी के इलाज के रुपए भी वह हार गया था। जिसके कारण उसे पैसों की जरूरत थी। वह टेकरी मंदिर में दर्शन करने जाता था तो उसे टेकरी मंदिर के बारे में पूरी जानकारी थी। उसने अपने साथी अन्नू उर्फ अनिल मेर जो कि पूर्व में भी थाना धरनावदा क्षेत्र में मंदिर में चोरी कर चुका है। उसके साथ मिलकर चोरी की पूरी पटकथा रची। फिर अपने दो अन्य साथी मनोज जोगी उर्फ अक्षय एवं मनोज चौरसिया के साथ मिलकर हनुमान टेकरी मंदिर में चोरी को अंजाम दिया।

अन्जू मेर ने पूछताछ में बताया कि, वह स्मैक का नशा करता है। जिसके लिए उसको पैसों की जरूरत थी। वह पूर्व में भी मंदिर में चोरी कर चुका है। इसलिए वह गणेशराम के साथ चोरी करने के लिए तैयार हो गया था। उसने अपने एक दोस्त मनोज चौरसिया को बुलाया और उसको अपने साथ लेकर गणेश तथा मनोज जोगी के साथ मिलकर टेकरी मंदिर में चोरी की घटना को अंजाम दिया।

इसी तरह आरोपी मनोज चौरसिया ने पूछताछ में बताया कि उसकी ऑटो गिरवी रखी थी, तो उसे पैसों की जरूरत थी। इसलिए उसने गणेश जयसवाल, मनोज जोगी तथा अन्नू मेर के साथ मिलकर टेकरी मंदिर में चोरी की थी।

मनोज जोगी ने पूछताछ पर बताया कि, वह शराब का नशा करता है और जुआ खेलता है। जुए में वह काफी पैसे हार गया उसको पैसों की काफी जरूरत थी। वह पैसों को लेकर अक्सर परेशान रहता था इसलिए उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मंदिर में चोरी की थी।

1,13,745 रुपए नकद बरामद

मामले में चोरी उम्मीद से छह गुना अधिक निकली। पुलिस ने घटना के समय टेकरी पदाधिकारियों द्वारा उम्मीद के मुताबिक 50 हजार रुपए दान पात्र में होना बताया था। लेकिन जब मामले का खुलासा हुआ तो 3.10 लाख रुपए से अधिक की नकदी आरोपियों द्वारा चोरी करना स्वीकार किया गया। जिसमें से पुलिस ने 1,13,745 रुपए बरामद किए हैं।

घटना में आरोपियों को गिरफ्तार करने एवं जानकारी देने वाले को गुना पुलिस अधीक्षक की ओर से 10,000 रुपए इनाम दोने की घोषणा की गई थी। 50,000 रुपए का इनाम हनुमान टेकरी मंदिर ट्रस्ट की ओर से घोषित किया गया था।

ये भी पढ़ें- भोजशाला में जमीन की ‘सोनोग्राफी’ से होगा अब सच्चाई का खुलासा

संबंधित खबरें...

Back to top button