Naresh Bhagoria
7 Jan 2026
मंगलवार को देश के कई राज्यों में बम से उड़ाने के धमकी मिली है। गुजरात, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर बम से उड़ाने की धमकियां मिलने से हड़कंप मच गया। जहां गुजरात में छह अदालतों, उत्तर प्रदेश के मऊ रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन और कर्नाटक के मैसुरु जिला कोर्ट को बम धमकी दी गई। सभी मामलों में पुलिस और बम स्क्वॉड ने मौके पर पहुंचकर सघन जांच की, लेकिन कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला।
गुजरात में हाईकोर्ट समेत पांच स्थानीय अदालतों को आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी दी गई। सूरत कोर्ट के आधिकारिक ईमेल पर सोमवार देर रात करीब 2 बजे धमकी भरा मेल आया था। मंगलवार सुबह जब कोर्ट कर्मचारियों ने ईमेल देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद सूरत कोर्ट परिसर को खाली कराकर जांच की गई।
इसी तरह आणंद, राजकोट, अहमदाबाद और भरूच के सेशन कोर्ट को भी धमकी भरे ईमेल मिले। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने सभी अदालत परिसरों की गहन तलाशी ली, लेकिन कोई विस्फोटक सामग्री नहीं पाई गई। पुलिस के मुताबिक, धमकी एलटीटीई (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम) के नाम से दी गई है, जिसकी गंभीरता से जांच की जा रही है।
उधर, उत्तर प्रदेश के मऊ रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन को बम से उड़ाने की धमकी मिली, जबकि कर्नाटक के मैसुरु जिला कोर्ट को भी इसी तरह की धमकी दी गई। जिसके बाद इन दोनों जगहों पर भी तलाशी के बाद कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। वहीं, केरल के कन्नूर जिले में पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों से 12 देसी विस्फोटक उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस सभी मामलों को आपस में जोड़कर जांच कर रही है और धमकी देने वालों की पहचान की कोशिश की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के मऊ रेलवे जंक्शन पर मंगलवार सुबह काशी एक्सप्रेस (15018 डाउन) में बम होने की धमकी मिलने से भगदड़ा जैसी स्थिति मच गई। धमकी मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और ट्रेन को स्टेशन पर ही रोक दिया गया। एहतियातन सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर उतार लिया गया।
मऊ के एसपी एलामरन जी ने बताया कि सुबह करीब 9.30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में एक कॉल आई थी, जिसमें काशी एक्सप्रेस में बम होने की सूचना दी गई। इसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए जैसे ही ट्रेन मऊ स्टेशन पहुंची, यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर ट्रेन के हर कोच की गहन तलाशी ली गई।
आगे वे बोले कि जांच के दौरान अब तक कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला है। प्रारंभिक जांच में यह कॉल फर्जी प्रतीत हो रही है। उन्होंने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए कॉल करने वाले के स्रोत का पता लगाने के लिए निगरानी टीम को लगाया गया है।