यहां एक सख्त नियम है कि बांस के पुलों पर एक साथ ज्यादा लोगों को चलने की अनुमति नहीं होती। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि बांस के ढांचे पर अधिक भार न पड़े और किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। यही वजह है कि यह ट्रैक रोमांचक होने के साथ-साथ अनुशासन और सावधानी की भी परीक्षा लेता है।
अक्टूबर से मार्च का महीना परफेक्ट सीजन
मेघालय अपनी भारी बारिश के लिए मशहूर है, लेकिन यू मावरिंगखांग बांस ट्रैक पर बारिश का मौसम खतरे की घंटी है। फिसलन और तेज बहाव के खतरे को देखते हुए यहां जाने का सबसे बेस्ट समय अक्टूबर से मार्च के बीच माना जाता है। इस अवधि में मौसम सुहावना रहता है और ट्रैक पर चलने के लिए बेहतर पकड़ मिलती है, जिससे रोमांच सुरक्षित तरीके से लिया जा सकता है।
जनजाति परंपरा से जुड़ा है गहरा नाता
इस ट्रैक का असली आकर्षण इससे जुड़ी वह प्राचीन लोककथा है, जो खासी जनजाति की मान्यताओं और परंपराओं से निकलकर आती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ‘यू मावरिंगखांग’ केवल एक विशाल चट्टान नहीं था, बल्कि वह पत्थरों का राजा माना जाता था। इसी अमर कथा ने इस ट्रैक को सिर्फ एक एडवेंचर रूट नहीं, बल्कि रहस्य और संस्कृति से जुड़ा एक खास स्थल बना दिया है।












